नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को जमीन से हवा में मार करने में सक्षम स्वदेशी तकनीक से युक्त रक्षा मिसाइल आकाश का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। पिछले दो दिनों में दूसरी बार इस मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। आकाश इस रक्षा मिसाइल का नया संस्करण है।
जमीन से हवा में कम दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल के तौर पर शामिल किया गया है। यह पहली जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसमें रेडियो तरंगों के आधार पर अपने लक्ष्य को भेदने के लिए स्वदेशी तकनीक युक्त प्रणाली का प्रयोग किया गया है। इस सफल परीक्षण के बाद भारत ने किसी भी तरह की जमीन से हवा में मार करने में सक्षम मिसाइल बनाने की क्षमता हासिल कर ली है। डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया आकाश मिसाइल लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइल और हवा से जमीन पर वार करने वाले बलिस्टिक मिसाइलों को भी आसानी से निशाना बना सकता है। इसका सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कई तरफ से आते खतरों को एक साथ आसानी से निशाना बनाया जा सके।