कर्नाटक में चला मोदी का मैजिक; राहुल फिर फेल, JDS सबसे पीछे, जानें 5 अहम बातें

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम के शुरुआती रुझानों में भाजपा को (122) पूर्ण बहुमतों से 2 सीटें ज्यादा मिली हैं। वहीँ कांग्रेस को 58, जनता दल सेक्युलर को 40 और अन्य को दो सीटों पर बढ़त मिली है। इन आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में कांग्रेस की हार तय मानी जा रही है। इस त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और जनता दल सेक्युलर (जद (एस) के राजनीतिक भाग्य का आज फैसला होगा। शाम तक सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के चेहरे पर खुशी और निराशा लेकर आएगी।

गौरतलब है कि 1985 के बाद से कर्नाटक में कोई भी पार्टी को लगातार दोबारा सत्ता में नहीं आई है। अंतिम बार रामकृष्ण हेगड़े की अगुवाई में जनता दल की लगातार दूसरी बार सरकार बनी थी। कांग्रेस, पंजाब के बाद एकमात्र बड़े राज्य पर काबिज रहने के लक्ष्य पर केंद्रित है जबकि भाजपा कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने के लिए जुटी हुई है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि कर्नाटक पार्टी के लिए दूसरी बार दक्षिण में कदम रखने का द्वार होगा। कर्नाटक में भाजपा को सिर्फ एक बार 2008 से 2013 तक सत्ता में रहने का मौका मिला था, लेकिन पार्टी का कार्यकाल अंदरुनी कलह और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा रहा।

2013 में कांग्रेस को मिला बहुमत

महज पांच वर्षों में पार्टी की ओर से तीन मुख्यमंत्री बनाये गये, जिनमें से एक फिलहाल पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी एस येद्दियुरप्पा हैं, भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भी जा चुके हैं। सभी राजनितिक दल चुनाव मैदान में अपनी अपनी जीत की ताल ठोक रहे हैं। वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने 122 सीटें जीती थीं। भाजपा और जद (एस) को 40-40 सीटें मिली थीं।

कर्नाटक में 224 में से 222 पर हुआ मतदान

कर्नाटक जनता पक्ष को छह, बडवारा श्रमिकारा रैयतरा को चार, कर्नाटक मक्कल पक्ष, समाजवादी पार्टी और सर्वोदय कर्नाटक पक्ष को एक एक सीटें मिली थीं और नौ निर्दलीय विजयी रहे थे। बता दें कि राज्य में विधानसभा की कुल 225 सीटें हैं जिनमें से 224 पर विधायकों का निर्वाचन होता है जबकि एक सीट पर सदस्य का मनोनयन किया जाता है।

गौरतलब है कि 12 मई को 222 सीटों पर मतदान हुआ था। एक सीट पर मतदान भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान विधायक बी एन विजयकुमार के निधन के चलते स्थगित कर दिया गया है।

कर्नाटक सीईओ

राज्य में 4.98 करोड़ से अधिक मतदाता हैं जो 2600 से अधिक उम्मीदवारों के बीच से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकेंगे। इन मतदाताओं में 2.52 करोड़ से अधिक पुरुष, करीब 2.44 करोड़ महिलाएं तथा 4,552 ट्रांसजेंडर हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजीव कुमार के अनुसार, 1952 के बाद राज्य में 12 मई को रिकॉर्ड मतदान हुआ है।  पंजीकृत 4.97 करोड़ मतदाताओं में से 72.13 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि मतदान का प्रतिशत 1952 के राज्य विधानसभा चुनाव के बाद सबसे अधिक है।

चुनाव रिजल्ट के बीच 5 अहम बातें

1. कर्नाटक में बीजेपी ने बहुमत पार कर लिया है रुझानों में 112 सीटें मिल गई हैं। वहीं अगर सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की जरुरत है। ऐसे में जेडीएस का साथ जरुरी है।

2. कर्नाटक चुनाव के परिणाम आने वाले मध्यप्रदेश. छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित 2019 की तस्वीर तय करेगा।

3. कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगता दिख रहा है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से बहुत दूर है।

4. कांग्रेस संकेत दे रही है कि वह जेडीएस का समर्थन लेने के लिये तैयार है। अगर ऐसे में कांग्रेस और जेडीएस साथ भी आती है तो भी कांग्रेस सरकार नहीं बना रही है।

5. कर्नाटक में बीजेपी की जीत के पीछे मोदी की लगातार रैलियों ने जनता के बीच एक मैसेज दिया और मोदी हमेशा कांग्रेस पर एक नए हमले के साथ रैली में आए और निशाना साधा।

Web Title : Modi's magic in Karnataka; Rahul fails again