नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ‘नमो ऐप’ के जरिए ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं से बातचीत की।  पीएम ने इस कार्यक्रम के माध्यम से राफेल डील, बैंक फ्रॉड, तेल के बढ़ते दाम को लेकर हो रही आलोचनाओं पर विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि असमाजिक तत्वों को अच्छे कामों से परेशानी हो रही है। अच्छे कार्यों की वजह से ही सरकार की आलोचना की जा रही है। पीएम ने कहा कि कृष्ण के जमाने से लेकर आज तक कुछ लोग ऐसे रहे हैं, जो अच्छे कामों से डरते हैं। उनको अंधियारा इतना अच्छा लगता है कि उजाले को दोष देने लग जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘डर का कारण साफ है, बीजेपी सरकार केवल नारे नहीं गढ़ती है, उसे धरातल पर ले आती है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ सबका विकास हमारे लिए नारा कभी नहीं था, यह हमारा प्रेरणा मंत्र है। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल में यह कहने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि बाकी दलों ने वोट बैंक की राजनीति की है। पार्टियों ने आखों में धूल झोंकी और चुनाव निकाल दिए।

विपक्ष की भूमिका में भी कांग्रेस फेल: मोदी
बीजेपी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बात करने के दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि पिछले चार वर्षों में कांग्रेस और उसके सहयोगियों की हकीकत सबसे सामने आ गई है। पहले जनता ने गुड गवर्नेंस, भ्रष्टाचार और फैसले लेने की अक्षमता के कारण उन्हें सत्ता से बाहर किया था। अब वे विपक्ष की भूमिका निभाने में भी फेल हो गए हैं।

मेरा बूथ, सबसे मजबूत का दिया नारा
विडियो कॉन्फ्रेंसिंग संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ नारा भी दिया। गाजियाबाद के एक कार्यकर्ता द्वारा जिक्र करने पर मोदी ने कहा कि 13 सितंबर को ही बीजेपी की संसदीय समिति ने नेतृत्व की जिम्मेदारी मुझे दी थी। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी में नाम से नहीं, काम से नेतृत्व तय होता है। बूथ स्तर के कार्यकर्ता को शीर्ष नेतृत्व का काम केवल बीजेपी में ही दिया जा सकता है। वे चाहे पार्टी अध्यक्ष, मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री हो, सभी ने बूथ स्तर से काम करना शुरू किया था। यहां कोई भी व्यक्ति स्थायी नहीं है। आज मैं जहां हूं, कल कोई और होगा।’

कहा, कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं पर दया आती है
कांग्रेस पर अटैक करते हुए उन्होंने कहा, ‘पदभार व्यवस्था है पर कार्यभार जिम्मेदारी है। जब तक प्राण है कार्य के प्रति समर्पण बना रहेगा। दूसरे दलों का हाल देखिए। कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं पर दया आती है, उनका संघर्ष और सामर्थ्य एक ही परिवार के काम आ रहा है। अगर एक परिवार के काम नहीं आया तो बाहर कर दिए जाते हैं।’