NDA के हरिवंश नारायण सिंह चुने गए राज्यसभा के उपसभापति, विपक्ष को झटका

नई दिल्ली: 2019 के चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता को तगड़ा झटका लगा है। पिछले कुछ दिनों से राज्यसभा के उपसभापति को लेकर चला आ रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। गुरुवार सुबह हुई वोटिंग में एनडीए के प्रत्याशी हरिवंश नारायण सिंह को बड़ी जीत मिली है। चुनाव में जीत के बाद उन्हें राज्यसभा का उपसभापति चुन लिया गया है। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को 20 वोट से हराया। हरिवंश को 125 वोट मिले जबकि बीके हरिप्रसाद को 105 वोट।

कांग्रेस ने अपनी पार्टी के नेता बीके हरिप्रसाद को विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा था तो वहीं एनडीए ने हरिवंश नारायण सिंह को। शिवसेना और बीजेडी की ओर से हरिवंश को समर्थन की घोषणा के बाद उनकी जीत तय मानी जा रही है। भाजपा ने अपने सांसदों को वोटिंग के दिन सदन में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया था। चुनाव शुरू होने से पहले राज्यसभा महासचिव ने सदन को वोटिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। चुनाव के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हरिवंश जी पहले एनडीए के प्रत्याशी थे, लेकिन चुनाव जीतने और उपसभापति बनने के बाद यह पूरे सदन के हो गए हैं किसी एक पार्टी के नहीं। वह अपना काम अच्छे से करें, हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।

इसके बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अपने संबोधन में कहा, ‘हरिवंश जी पहले एनडीए के प्रत्याशी थे, लेकिन चुनाव जीतने और उपसभापति बनने के बाद यह पूरे सदन के हो गए हैं किसी एक पार्टी के नहीं। वह अपना काम अच्छे से करें, हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।’ आजाद ने हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार उपसभापति बने हैं तो उम्मीद है कि सदन की कार्यवाही ज्यादा दिखाई जाएगी और उनका अनुभव देश के काम आएगा।
इस दौरान गुलाम नबी आजाद ने इलाज के बाद राज्यसभा पहुंचे अरुण जेटली को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने यह भी कहा कि वह चुनाव के लिए आए हैं पर उन्हें और आराम करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन की तरफ से नवनिर्वाचित उपसभापति हरिवंश को बधाई दी। अगस्त क्रांति का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इसमें बलिया की अहम भूमिका थी। मंगल पांडे से लेकर चंद्रशेखर तक की परंपरा में एक नया नाम हरिवंश का जुड़ा है। उनकी शिक्षा-दीक्षा बनारस में हुई थी, यह भी गौरव की बात है। इसके बाद उन्होंने अरुण जेटली का भी जिक्र किया कि वह स्वास्थ्य लाभ के बाद हम सबके बीच हैं।

 

बीजेपी की अगुआई वाले NDA ने जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह को उम्मीदवार बनाया था। वह बिहार से सांसद हैं और पूर्व पत्रकार हैं। जेडीयू के उम्मीवार को नॉमिनेट कर बीजेपी अपने सहयोगी दलों की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की है जिनकी शिकायत रहती है कि उन्हें अलग छोड़ दिया गया है। राज्यसभा में मौजूदा आंकड़ा 244 का है। जब सदन में सभी सदस्य मौजूद रहते हैं तो जीत के लिए 123 सदस्यों की जरूरत होती है।

इस चुनाव में जीत से बीजेपी को दोहरा फायदा होने जा रहा है क्योंकि चेयरमैन वेंकैया नायडू के साथ ही डेप्युटी चेयरमैन भी उसकी पसंद के हो गए हैं। चुनाव से पहले राज्यसभा के महासचिव ने सदस्यों को जानकारी दी कि उन्हें कैसे वोट करना है। हर सदस्य को ऑटोमेटिक वोट रिकॉर्डिंग सिस्टम दिया गया। बताया गया कि वोटिंग पीरियड के दौरान सदस्य अपना विकल्प बदल सकते हैं। ध्वनिमत से चुनाव नहीं होने के बाद मतदान किया गया।

हालांकि कुछ सदस्यों के द्वारा गलती बताए जाने के बाद दोबारा मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इससे पहले राज्यसभा के सभापति ने भारत छोड़ो आंदोलन को याद करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। लोकसभा चुनाव से पहले इस चुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीजे कुरियन के रिटायरमेंट के बाद जून में राज्यसभा के उपसभापति का पद खाली हो गया था। वह केरल से कांग्रेस के टिकट पर उच्च सदन पहुंचे थे।

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के शुरुआती संबोधन के बाद सुब्रमण्यन स्वामी ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आपने एक तथ्य गलत कहा है। स्वामी ने कहा कि आपने (सभापति) कहा कि भारत की GDP आज दुनिया में छठें नंबर पर है जबकि क्रय शक्ति के हिसाब से देखें तो भारत की जीडीपी आज दुनिया में तीसरे नंबर पर है।

पीएम मोदी ने दी जीत की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन चुने जाने पर बधाई दी है। चुनाव के बाद मोदी खुद हरिवंश से मिलने उनकी सीट तक गए। उन्होंने मजाक में कहा कि अब सब कुछ सदन में हरि के भरोसे है। मोदी ने उनकी तारीफ में कहा कि हरिवंश जी कलम के बड़े धनी हैं। हरिवंश जी चंद्रशेखर जी के चहेते थे। जिस भूमि (बलिया) से यह आते हैं, आजादी की लड़ाई में उसकी बड़ी भूमिका रही। अगस्त की क्रांति में बलिया की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मोदी ने कहा कि हरिवंश ने पत्रकारिता को जन आंदोलन की तरह लिया। पूर्व पीएम चंद्रशेखर के साथ काम करते हुए भी उन्होंने अपने पद की गरिमा को बनाए रखा। मोदी ने यह भी कहा कि पूर्व पीएम चंद्रशेखर के साथ काम करते हुए वह जानते थे कि वह इस्तीफा देने वाले हैं। लेकिन उन्होंने पद की गरिमा को बनाए रखी और अपने अखबार तक में खबर नहीं छापी।

चुनाव में आठ सदस्य अनुपस्थित
इस चुनाव से आठ सदस्य अनुपस्थित रहे। आम आदमी पार्टी के तीन, वाईएसआर कांग्रेस और पीडीपी के दो-दो और डीएमके के एक सदस्य सदन से गैरहाजिर रहे।

क्या है गणित
राज्यसभा के 245 सदस्यों में से आठ सदस्य अनुपस्थित रहे। सियासी गणित के हिसाब से हरिवंश को उम्मीदवार को एनडीए के 91 के अलावा उन्हें बीजद के 9, टीआरएस के 6, आइएनएलडी का 1, अन्नाद्रमुक के 13, मनोनीत 3 और असंबद्ध अमर सिंह का एक वोट मिला। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार हरिप्रसाद के पक्ष में यूपीए के 61 सदस्यों के अलावा तृणमूल कांग्रेस के 13, सपा के 13, बसपा और द्रमुक के चार-चार, वामपंथी दलों के 7, जेडीएस का 1, टीडीपी के 6 सांसदों का समर्थन मिला।

Web Title : NDA Harivansh Narayan Singh elected Rajya Sabha deputy speaker