NIA ने विवादित उपदेशक जाकिर नाईक के भारत लौटने की खबरों का किया खंडन

नई दिल्ली: अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहे इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक के भारत लौटने की खबरों का न्यूज एजेंसी एएनआई ने खंडन किया है। एएनआई ने पुष्टि की है कि एनआईए के मुताबिक जाकिर नाईक ने कहा है कि अभी उसका भारत आने का कोई इरादा नहीं है। जाकिर नाईक ने कहा है कि, ‘मैं तब तक भारत नहीं लौटूंगा, जब तक भारत में निष्पक्ष सरकार नहीं आ जाती। जब मुझे लगेगा कि भारत में निष्पक्ष सरकार है तब मैं भारत वापस लौट आऊंगा।’गिरफ्त में आया विवादित इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाईक, आज मलेशिया से लाया जा सकता है भारत

हमारे पास इससे जुड़ी अभी कोई जानकारी नहीं है: NIA 

जाकिर नाइक के भारत लौटने की खबर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रवक्ता अलोक मित्तल ने कहा कि उनके पास इससे जुड़ी अभी कोई जानकारी नहीं है। हम इसकी पुष्टि कर रहे हैं।

मेरे भारत लौटने की खबरें पूरी तरह निराधार: जाकिर नाइक

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जाकिर नाइक ने अपने बयान में कहा, ‘मेरे भारत लौटने की खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं। जब तक गलत अभियोजन से मैं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करूंगा तब तक मेरी भारत लौटने का कोई इरादा नहीं है। जब मैं यह महसूस करूंगा कि सरकार मेरे साथ निष्पक्ष होगी तब मैं अपने देश जरूर वापस आ जाऊंगा’।

‘आज भारत नहीं आ रहे हैं जाकिर नाइक’

वहीं, इस पूरे मामले पर जाकिर नाइक के वकील मुबिन सोलकर ने कहा कि यह खबर बिल्कुल झूठी और निराधार है क्योंकि वह आज भारत नहीं आ रहे हैं। जहां तक प्रत्यर्पण प्रक्रिया का सवाल है, उसमें पहले बताया गया था कि भारत सरकार ने इसके लिए कार्यवाही शुरू की है लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

भारत वापसी की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

जाकिर नाइक के मलेशिया से भारत आने की खबरों पर सूत्रों ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस साल के शुरुआत में मलेशिया से नाइक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया था और राजनयिक के माध्यम से इस पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नाइक के भारत आने की खबरों पर मलेशियाई अधिकारियों ने इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जाकिर नाइक पर ये हैं आरोप

मालूम हो कि भारत सरकार ने 2017 में जाकिर नाईक पर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग का केस दर्ज किया था, जिसके तहत वह एनआईए और ईडी की जांच का सामना कर रहा है। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश ने उस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पीस टीवी पर प्रसारित होने वाला उसका भाषण ढाका में 2016 के हमलों की मुख्य वजहों में से एक था।

आपको बता दें कि ढाका में 2016 में हुए इन हमलों में एक भारतीय लड़की समेत 22 लोगों की जान चली गई थी। जाकिर नाईक के गैर इस्लामिलक रिसर्च फाउंडेशन को 2016 में ही अवैध घोषित किया जा चुका है और इस मामले में 18 करोड़ रुपए से अधिक की रकम के धन शोधन के आरोपों की प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है।

नाइक ने 2016 में भारत छोड़ दिया था

जाकिर नाइक 2016 में ही देश छोड़कर बाहर जा चुका है। उसे आखिरी बार अक्टूबर, 2017 में मलेशिया में देखा गया था। इसके बाद से ही भारत सरकार उसे भारत लाने की कोशिश में लगी हुई है।

ऐसे सुर्खियों में आए थे जाकिर नाइक

विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाईक तब सुर्खियों में आए, जब खुलासा हुआ कि ढाका के चर्चित कैफे पर हमला करने वाले आतंकियों में दो उसके भाषण से प्रेरित हुए थे।

नाईक मुंबई स्थित प्रतिबंधित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) के संस्थापक हैं। ब्रिटेन और कनाडा ने दूसरे धर्मो के प्रति नफरत वाले भाषणों को लेकर उस पर प्रतिबंध लगा रखा है।

ढाका हमले को लेकर भारत सरकार ने नाईक के खिलाफ शुरू की थी कार्रवाई

ढाका हमले से नाम जुड़ने के बाद भारत सरकार ने नाईक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। जिसके बाद नाईक गिरफ्तारी के डर से भारत से फरार है। जांच एजेंसियों ने आईआरएफ पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। नाईक पर वित्तिय अनियमितता का भी आरोप है।

Web Title : NIA denies disputed preacher Zakir Naik's return to India