नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम फिलहाल चुनावी हलचल से दूर हैं। वे राज्यसभा सदस्य हैं और उनके बेटे कार्ति के चुनाव क्षेत्र शिवगंगा में मतदान हो चुका है। फिर भी कांग्रेस के चुनाव अभियान में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। गरीबों के लिए 72 हजार रुपये सालाना अनुदान वाली ‘न्याय योजना का खाका और कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र उन्होंने ही बनाया है। चिदम्बरम ने एक मीडिया समूह को साक्षात्कार में कहा कि मेरे विचार से 23 मई को हमें एक गैर-भाजपा सरकार मिलेगी। मैं संख्या के बारे में नहीं बोलूंगा, लेकिन इतना दावा है कि गैर-भाजपा दलों को बहुमत से कहीं ज्यादा सांसद मिलेंगे। एनडीए सरकार का प्रदर्शन बहुत खराब था। वह जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रहा है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में न तो रोजगार की बात करते हैं, न ही किसानों की समस्याओं या कर्ज की, न निवेश या आर्थिक प्रगति की। ध्रुवीकरण और माओवाद बढ़ा है। जमीनी स्तर से क्या अर्थ है? क्या दक्षिण भारत, पश्चिमी भारत, पूर्वी भारत और उत्तर पूर्व जमीन नहीं है? क्या केवल हिंदी पट्टी को ही जमीनी स्तर का दर्जा प्राप्त है? सच्चाई यही है कि प्रधानमंत्री के भाषणों का जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। वे सिर्फ अतिशयोक्ति, गाली-गलौज और नितांत झूठ का प्रचार कर रहे हैं।
दिए कई उदाहरण
सर्जिकल स्ट्राइक का उदाहरण देते हुए उन्होने कहा, पहली बार कांग्रेस के नेतृत्व में की गई, जबकि हमने अपने शासन की सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख, समय सब बता दिए। मंत्रालय जो चाहे कह सकता है, लेकिन सेना कभी असत्य नहीं बोलती। जनरल डीएस हुड्डा व पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह ने कहा है कि सेना ने पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक की हैं। वे कहते हैं कि उनके शासनकाल में कोई धमाके नहीं हुए, हकीकत में तो बहुत से धमाके हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के पास तारीखवार पूरी सूची है। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा, दंतेवाड़ा में 9 अप्रैल 2019 में एक भाजपा विधायक सहित पांच लोग मारे गए, 1 अप्रैल 2019 गढ़चिरौली में 15 लोग मारे गए। कितना झूठ बोलते हैं ये लोग। राजनीतिक विमर्श के गिरे स्तर पर उन्होने कहा, सबसे पहले चोर शब्द का इस्तेमाल किसने किया? वीपी सिंह और उनके सहयोगियों ने बोफोर्स मामले को लेकर राजीव गांधी को चोर कहा था। नारे लगाए थे-गली गली में शोर है, जबकि बोफोर्स की सच्चाई क्या है? राजीव के खिलाफ सभी आरोप हाईकोर्ट ने खारिज कर दिए थे। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी उन्हें भ्रष्टाचारी नंबर वन कहते हैं। मुझे शर्म आती है कि मोदी 28 साल पहले शहीद हुए पीएम का नाम चुनाव प्रचार में इस तरह घसीटते हैं। राफेल में मोदी के खिलाफ आरोप निराधार नहीं हैं। वे जांच क्यों नहीं करा रहे? सीएजी ने कोई क्लीन चिट नहीं दी है। इस रिपोर्ट में आखिरी दो सारिणी खाली क्यों छोड़ी गई हैं, आंकड़े क्यों नहीं दिए गए हैं, तो क्लीन चिट कहां हुई? इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि वह विमान की कीमत पर कोई फैसला नहीं देगा, इस पर बात नहीं करेंगे कि 126 की जगह 36 विमान क्यों लिए गए और आॅफसेट पार्टनर की चयन प्रक्रिया पर सुनवाई नहीं की। हमारी मांग इन 3 सवालों की जांच की थी।
हम तनाव बढ़ाना नहीं चाहते
यह पूछने पर कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर बालाकोट जैसे हमले के आदेश यूपीए ने क्यों नहीं दिए, तो उन्होने कहा, क्योंकि हम दोनों देशों के बीच तनाव कम करना चाहते थे। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करके रखा और शांति बहाल कराई। मोदी युद्ध जैसी परिस्थितियां बनाएं रखना चाहते हैं, जिसका राजनीतिक इस्तेमाल किया जा सके। कांग्रेस युद्ध से नहीं डरती। देश ने तीन युद्ध जीते और हर बार कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में।