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Friday, April 19, 2019
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संसद भवन में लगी पूर्व पीएम वाजपेयी की तस्वीर, पीएम ने कहा- सबको मिलेगी प्रेरणा

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को संसद भवन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदमकद चित्र का अनावरण किया। संसद के एक अधिकारी ने बताया कि कोविंद आज संसद भवन के सेंट्रल हॉल में वाजपेयी के चित्र का अनावरण करेंगे। इस दौरान उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न दलों के अन्य नेता मौजूद रहे।

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश की उन चंद बड़ी विभूतियों में शामिल हो गए हैं, जिनकी तस्वीर संसद के केंद्रीय कक्ष में है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सेंट्रल हॉल में मंगलवार को भव्य समारोह में अटल जी के तैल चित्र का अनावरण किया. इस दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पीएम मोदी और सुमित्र महाजन के साथ सरकार व विपक्षी दलों के तमाम दिग्गज नेता भी मौजूद रहे. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी पहले से दिल में बसते रहे हैं लेकिन इस चित्र के अनावरण से वह एक नए रूप में सेंट्रल हॉल में मौजूद रहेंगे.

8 दिसंबर 2018 को तस्वीर लगाने का फैसला हुआ. इस प्रस्ताव का विपक्ष सहित किसी दल ने विरोध नहीं किया था. इस चित्र को वृंदावन के कलाकार कृष्ण कन्हाई ने बनाया है. उन्होंने बहुत ही कम समय से इस चित्र को बनाया है. इसके साथ ही अब ये चित्र संसद के सेंट्रल हॉल में हमेशा के लिए लगा दिया गया है.

पीएम मोदी ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी ने सत्ता से दूर रहते हुए भी जनता की सेवा की. उनके जैसे व्यक्तित्व कम होते हैं. उन्होंने आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया. उनके भाषण से ज्यादा ताकत उनकी मौन में थी. तनाव भरे माहौल को भी हल्का बना देते थे. उनके भाषण की बहुत चर्चा होती थी. इस चित्र के लगने से सबको प्रेरणा मिलती रहेगी.

राष्ट्रपति कोविन्द बोले- विपरीत परिस्थितियों में धैर्य की मिसाल थे अटल जी 
राष्ट्रपति कोविन्द ने इस अवसर पर कहा, ‘संसद के सेन्ट्रल हॉल में देश की अन्य विभूतियों के चित्रों के साथ अटल जी के चित्र को स्थान देने के निर्णय के लिए मैं दोनों सदनों के सांसदों की बहुदलीय ‘पोर्ट्रेट कमिटी’ के सभी सदस्यों को साधुवाद व बधाई देता हूं। भारतीय राजनीति के महानायकों में अटल जी को हमेशा याद किया जाएगा। राजनीति में विजय और पराजय को स्वीकार करने में जिस सहजता और गरिमा का परिचय उन्होंने दिया है, वह अनुकरणीय है। वे विपरीत परिस्थितियों में धैर्य की मिसाल थे। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया। पोकरण में 1998 का परमाणु परीक्षण और 1999 का कारगिल युद्ध, राष्ट्रहित में लिए गए उनके दृढ़तापूर्ण निर्णयों के उदाहरण हैं। देश की नदियों और जल-संसाधनों के उपयोग के लिए पहल करना; स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के माध्यम से पूरे राष्ट्र को जोड़ने में सुगमता प्रदान करना; आवास निर्माण को प्रोत्साहन देकर साधारण आय-वर्ग के लोगों के लिए घर सुलभ कराना उनकी उपब्धियों में शामिल है। हमारे बहादुर जवानों, मेहनती किसानों और निष्ठावान वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं लागू करना और पूरे विश्व में भारत को शांतिप्रिय परंतु शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित करना अटल जी के अनेक बहुमूल्य योगदानों में शामिल हैं।

बता दें कि संसद भवन के सेंट्रल हॉल में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के पोर्ट्रेट भी लगे हैं. अब इस कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम भी जुड़ गया है. संसद के सेंट्रल हॉल को एक दिन पहले ही काफी सजा दिया गया था. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यह पोर्ट्रेट लाइफ साइज का है. वृंदावन के चित्रकार कृष्ण कन्हाई ने इस फोटो को तैयार किया है. संसद भवन के सेंट्रल हॉल का खासा महत्व है.

संसद की एक पोर्ट्रेट कमेटी होती है जो कि संसद भवन परिसर में किसी भी नेता या महापुरुष की चित्र या फोटो लगाने पर निर्णय लेती है. लोकसभा अध्यक्ष इस कमेटी का अध्यक्ष होता है. विपक्षी पार्टियों सहित सत्ताधारी पार्टी के कई सांसद इसके सदस्य होते हैं. इस कमेटी ने ही 18 दिसंबर 2018 को वाजपेयी का लाइफ साइज फोटो लगाने का निर्णय लिया था. बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया था. वाजपेयी अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार प्रधानमंत्री बने. हालांकि पहली बार को 13 दिन के लिए ही पीएम बने थे. इसके बाद 1998 में 13 महीने और 1999 में पांच साल के लिए प्रधानमंत्री चुने गए.
Web Title : Photograph of former PM Vajpayee engaged in the Parliament building

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