पुलिस थानों व बेरियर से हटेंगे निजी व्यक्ति व फर्म के नाम

जन सहभागिता से होने वाले कामों में मिलीभगत की शिकायतें

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जयपुर। जनसहभागिता से प्रदेश के पुलिस थानों में निजी व्यक्ति व फर्म के लिखे नाम व स्लोगन जल्द हटेंगे। पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने इस संबंध में आदेश जारी कर पालना के लिए राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अफसरों को पत्र लिखा है। बताया जा रहा है कि पुलिस के लिए सहयोग करने वाले ऐसे लोगों की पुलिस से मिलीभगत की शिकायतें आ रही थी। डीजीपी कपिल गर्ग के अनुसार राजस्थान के पुलिस थानों में किसी भी निजी व्यक्ति या कंपनी के द्वारा जनसहभागिता के नाम पर पुलिस को काफी सुविधाएं दे रखी हैं जिन पर उन व्यक्तियों या किसी कंपनी का लोगो या नाम लिखा है। पुलिस मुख्यालय को काफी दिनों से शिकायतें मिल रही थी कि पुलिस थानों व अन्य अधिकारियों के भवनों में व्यापारियों व निजी कंपनी के द्वारा जनसहभागिता के नाम पर करवाए गए कामों की एवज में पुलिस ऐसे लोगों से मिलीभगत कर उनको अनुचित लाभ पहुंचाती है। इसके अलावा सरकारी भवनों में इस तरह के सहयोग या भेंट के चलते लगातार सभी जगह निजी कंपनियों के नाम व व्यक्ति के नाम का प्रभाव बढ़ रहा है। परीक्षण के बाद डीजीपी कपिल गर्ग ने जयपुर-जोधपुर पुलिस कमिश्नर समेत सभी रेंज आईजी व जिला पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिख कर पुलिस भवनों व सड़क पर बेरियर पर लगे कंपनी के लोगो व नाम हटाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस आधुनिकरण के नाम पर मोटी वसूली
पुलिस थानों या अन्य अफसरों के दफ्तर व आवास पर निजी व्यक्ति व फर्म द्वारा पुलिस को कई सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है जिसके बदले उक्त व्यक्ति या फर्म का नाम लिखवा दिया जाता है। पुलिस का तर्क है कि पुलिस आधुनिकरण में सहयोग देने वाले भामाशाह के नाम या कंपनी का लोगो लगाया जाता रहा है जिसके चलते प्रदेश के कई थानों में बैठने, पेयजल, व निमार्ण और रंगरोगन में सहयोग मिलता है।

दूसरी तरफ पुलिस द्वारा आधुनिकरण के नाम पर निजी फर्म से करवाए जा रहे काम में अवैध वसूली व भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मिली, जिसके चलते डीजीपी ने ये आदेश निकाले हैं।

Web Title : police rajasthan will take action