जयपुर। राजस्थान के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से जिला पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्त अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस थानों पर नियमित रूप से निगरानी रख सकेंगे। थाना अधिकारी के कमरे,रिपोर्ट दर्ज करने के लिए बैठने वाले कांस्टेबल की सीट और हवालात में गेट पर कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे लगाने का मकसद पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर निगरानी रखना है। इसके साथ ही सभी पुलिस महानिरीक्षकों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों को अपने मातहत पुलिसकर्मियों द्वारा लापरवाही, अनुशासन हीनता, अपराधियों के साथ मिलीभगत और भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायतें पुलिस मुख्यालय तक भेजने का अधिकार होगा। महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर ही तबादले होंगे। प्रदेश में अलवर जिले के थानागाजी में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस थाना में शिष्टाचार और सद्व्यवहार के साथ सुनवाई पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने शत प्रतिशत एफआईआर (र्फस्ट इंफोरमेशन रिपोर्ट) दर्ज करने के भी निर्देश दिए है। दरअसल,पुलिस अधिकारी मुकदमों की संख्या कम बताने के चक्कर में लोगों की एफआईआर दर्ज नहीं करते है। इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। गहलोत ने बताया कि जधन्य प्रकरणों में फास्ट ट्रेक समाधान के लिए केस आफिसर स्कीम के तहत कार्यवाही होगी।