18 की उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले पृथ्वी शॉ ने जड़ दिया शतक, सचिन और कोहली से भी निकले आगे

राजकोट :भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले जा रहे राजकोट टेस्ट मैच में भारत के युवा ओपनर पृथ्वी शॉ ने शानदार शतक जड़ा। ये इस खिलाड़ी के पहले टेस्ट मैच की पहली ही पारी थी और शॉ ने ये दिखा दिया कि 18 साल की उम्र में ही उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका क्यों मिला? शॉ ने इंटरनेशनल क्रिकेट की पहली ही पारी में वो कमाल कर दिखाय जो विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज़ खिलाड़ी भी नहीं कर सके थे।Ind vs WI: पृथ्वी शॉ ने ठोका पहला शतक, सचिन और कोहली से भी निकले आगे

पृथ्वी ने डेब्यू टेस्ट में न केवल शतक मारने का कारनामा किया है बल्कि वह इस फेहरिश्त में शामिल होने वाले सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर हैं। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 33 ओवर में 1 विकेट पर 176 रन बना लिए हैं। पृथ्वी शॉ 102 और चेतेश्वर पुजारा 68 रन बनाकरक क्रीज पर मौजूद हैं। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर भी अपने टेस्ट करियर की पहली पारी में शतक नहीं जड़ सके थे। सचिन ने अपना पहला टेस्ट पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में खेला थां। कराची में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी में सचिन 15 रन बनाकर आउट हो गए थे। वहीं विराट कोहली ने अपना पहला टेस्ट 2011 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेला था। किंगस्टन में खेले गए उस मैच में कोहली 04 रन बनाकर आउट हो गए थे।

पृथ्वी शॉ ने अपने पहले टेस्ट मैच में शतक जमाने के लिए 99 गेंदों का सामना किया। इस पारी में शॉ ने 15 चौके जड़े। शॉ अपने पहले मैच में लोकेश राहुल के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन जब इन दोनों के बीच तीन ही रन की साझेदारी हुई थी की राहुल आउट हो गए। इसके बाद पृथ्वी शॉ और पुजारा ने मिलकर भारतीय पारी को आगे बढ़ाते हुए 100 से भी ज़्यादा रन की साझेदारी कर ली है। पृथ्वी शॉ भारत के लिए पहले टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले 15वें खिलाड़ी बन गए हैं।

Web Title : Prueba debut a la edad de 18 años, con la ayuda de Prithvi Shaw, un siglo