स्वर्ण नगरी ने खो दिया अपना अनमोल हीरा क्वीन हरीश

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जोधपुर। राजस्थान के जैसलमेर के क्वीन हरीश उर्फ हरीश कुमार अब दुनिया में नहीं रहे। जोधपुर में रविवार सुबह एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। भारतीय लोक नृत्य विशेषतौर पर राजस्थानी फोक डांस की विभिन्न विधाओं में पारंगत क्वीन हरीश एक पुरुष होते हुए महिला के रूप में मंत्रमुग्ध प्रस्तुतियां के लिए देश-विदेश में विख्यात थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनकी आकस्मिक मौत पर बेहद दुख व्यक्त करते हुए उनके निधन को लोक कला क्षेत्र में बड़ी क्षति बताया है।
जोधपुर में हुए भीषण सड़क हादसे में ख्यातनाम कलाकार हरीश कुमार उर्फ़ क्वीन हरीश सहित चार लोगों की दर्दनाक मृत्यु बेहद दुखद है। लोक कला संस्कृति को समर्पित हरीश ने विशेष शैली में नृत्य कला से को एक अलग पहचान दी।उनका निधन लोक कला क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है
कौन है क्वीन हरीश?
जैसलमेर में जन्मे क्वी हरीश का असली नाम हरीश कुमार है। हरीश के जन्म के समय उनका परिवार आर्थिक तौर पर बेहद कमजोर था। इस वजह से उन्हें स्कूल की पढ़ाई भी बीच में छोड़नी पड़ी। स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले हरीश ने पढ़ाई तो छोड़ी लेकिन नृत्य की विधा सीखने की ललक नहीं छोड़ी। काफी समय तक उन्होंने पोस्ट आॅफिस में डाक बांटने का काम किया और इस बीच डांस की प्रेक्सिस भी करते और जल्द ही उन्होंने इस क्षेत्र में पहचान बनाना शुरू कर दिया।
38 की उम्र 56 से अधिक देशों में प्रस्तुतियां
हरीश कुमार से क्वीन हरीश बने इस कलाकार की उम्र महज 38 साल थी। लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्यातनाम समारोह में वे परफॉर्म कर चुके थे। महज 38 वर्ष की उम्र में क्वीन हरीश अपनी इस प्रतिभा के दमपर 56 देशों में प्रस्तुतियां दे चुके थे।

Web Title : queen harish lost his life in road accident