Rafale Deal: अब एंटी करप्‍शन क्‍लॉज हटाने की रिपोर्ट पर घमासान, राहुल ने कहा- पीएम ने दी लूट की छूट

अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ने राफेल सौदे से जुड़ा नया दावा किया है। उसका कहना है कि डील साइन होने से पहले भ्रष्टाचार विरोधी जुर्माने के प्रमुख प्रावधान और एक एस्क्रो अकाउंट हटा दिया गया था। द हिन्दू का कहना है कि रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार खत्म करने पर जोर देने का दावा करने वाली सरकार की ओर से राफेल डील में बड़ी रियायत बरती गई थी। इस पर समाचार एजेंसी ANI में सूत्रों के हवाले से सफाई आई है कि इस सौदे के लिए भारत और फ्रांस सरकार में हुआ समझौता वास्तव में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार द्वारा तय की गई नीतियों के तहत ही हुआ था. उन नीतियों के तहत जो ए.के. एंटनी के रक्षा मंत्री रहने के दौरान लागू की गई थीं.

नई दिल्ली: राफेल डील को लेकर लगातार खुलासे का दावा करने वाले अखबार की अब एक नई रिपोर्ट पर घमासान छिड़ा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने समझौते पर दस्तखत से कुछ दिन पहले ही मानक रक्षा खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ पेनल्टी से जुड़े अहम प्रावधानों को हटाया था। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने सितंबर 2016 में इन्टर-गवर्नमेंटल अग्रीमेंट, सप्लाइ प्रोटोकॉल्स, ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट्स और ऑफसेट शेड्यूल में 9 बदलावों को मंजूरी दी। वहीं, एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से इसे खारिज किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूपीए सरकार ने ही नियम बनाया था कि मित्र देशों के साथ इंटर-गवर्नमेंटल अग्रीमेंट के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रसीजर में मामले में कुछ शर्तों से छूट ली जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार ने यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का ही पालन किया है।

रिपोर्ट के हवाले से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘हर रक्षा डील में एंटी करप्शन क्लॉज होती है। पीएम ने इस क्लॉज को हटा दिया। साफ है कि पीएम ने लूट की छूट दी है।‘ कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अनिल अंबानी के लिए एयर फोर्स से 30 हजार की चोरी करने के दरवाजे खोल दिए। दो देशों के बीच होने वाले करार से पहले डील से एस्क्रो अकाउंट और दंडात्मक प्रावधान वाली धाराएं हटा दी गईं।

अंग्रेजी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि सरकार ने राफेल डील पर दस्तखत होने से चंद रोज पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया में कुछ अहम बदलाव किए। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने प्रभाव के बेजा इस्तेमाल पर जुर्माना, एजेंट या एजेंसियों के कमिशन से जुड़े प्रावधानों समेत कई बदलाव किए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर सोमवार को मोदी सरकार पर फिर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने जानबूझकर डील से क्लॉज को हटाया।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मोदी सरकार ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का ही पालन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 2013 में यूपीए सरकार ने नई पॉलिसी बनाई, जिसके मुताबिक दोस्ताना देशों की सरकारों के साथ इंटर-गवर्नमेंटल अग्रीमेंट में रक्षा मंत्रालय को मानक रक्षा खरीद प्रक्रिया के नियमों का पालन जरूरी नहीं है। नए नियमों के मुताबिक, इंटर-गवर्नमेंटल अग्रीमेंट में मानक खरीद प्रक्रिया के नियमों के पालन के बजाय दोनों देशों की सरकारों द्वारा आपसी सहमति वाले प्रावधान शामिल होंगे।

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील को लेकर सरकार पर नया हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हर रक्षा सौदे में ऐंटी-करप्शन क्लॉज होते हैं लेकिन एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने ऐंटी-करप्शन क्लॉज को हटा दिया। राहुल गांधी ने कहा कि इससे जाहिर होता है कि पीएम ने लूट में सहयोग दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘सरकार ने जितना सोचा नहीं था, उससे ज्यादा तेजी से राफेल सौदे में खुलासे हो रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि पहले कीमत बढ़ाई गई, फिर यह खुलासा हुआ कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने समानांतर बातचीत करके भारतीय वार्ता दल के प्रयासों को कमजोर किया। अब यह खुलासा हुआ है कि मानक रक्षा खरीद प्रक्रिया के प्रावधानों में बदलाव किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दसॉ को इस सौदे में फायदा ही फायदा हुआ है।

Web Title : Rafale Deal: Now overwhelmed with reports of anti-corruption clause removal