सरकारी विभाग को पता ही नहीं कि कितने संविदा कर्मी कर रहे हैं काम

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जयपुर। प्रदेश में सरकारी मशीनरी का आलम यह है कि विभागों को खुद के ही संविदा कर्मियों की पूरी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है। प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रविशंकर श्रीवास्तव की सचिवालय में हुई अहम बैठक में यह अहम तथ्य उभरकर सामने आया। बैठक में श्रीवास्तव ने तमाम विभागों से वर्गीकृत जानकारी 10 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के काम को व्यवस्थित रूप दिया जा सकता है। कार्मिक विभाग ने तमाम सरकारी विभागों को पत्र लिखकर उनके यहां के संविदा कर्मियों, उनके अलग-अलग प्रकारों, उनके नियमितीकरण के उपायों और मौजूदा स्थिति के बारे में एक प्रारूप में जानकारी मांगी थी, लेकिन सिर्फ 18 विभाग ही ये जानकारी दे पाए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव रविशंकर श्रीवास्तव ने सचिवालय में बैठक ली जिसमें यह कमी साफ उभर कर सामने आई।
ये दिए हैं निर्देश
विभाग वर्गीकृत जानकारी उपलब्ध कराए। जानकारी में यह साफ तौर पर बताया जाए कि विभाग में कितने संविदा कर्मचारी हैं। यह जानकारी भी विस्तृत रूप से बताई जाए कि कितने संविदा कर्मी एजेंसी या ठेके के जरिए लगे हुए हैं। विभाग ये बताएं कि उनके यहां कितने संविदा कर्मी किस रूप में और कब से काम कर रहे हैं। इन संविदा कर्मियों का पूरा डाटाबेस बनाया जाए। इसकी 10 दिन में रिपोर्ट दी जाए । यह भी बताया जाए कि अलग-अलग प्रकृति के संविदा कर्मियों को नियमित करने के क्या तरीके हैं। उन उपायों को लेकर पूरी प्रक्रिया बताई जाए। यदि अदालत में कोई केस है तो उसमें मौजूदा स्थिति क्या ह, यह बताया जाए। सरकार की ओर से रखा गया पक्ष या सरकार की ओर से अदालत में रखा जाने वाला पक्ष सहित तमाम बातों को विश्लेषणात्मक और विस्तृत रूप में बताया जाए।
20 विभागों मेंं कोई भी संविदा कर्मी नहीं?
बैठक में यह भी सामने आया कि 20 विभागों ने यह लिख कर दिया है कि उनके यहां कोई भी संविदा कर्मी नहीं है। अब 10 दिन में रिपोर्ट आने के बाद फिर बैठक करके इस बारे में विचार किया जाएगा कि संविदा कर्मियों के डाटाबेस और उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया किस तरह व्यवस्थित की जाए। बैठक में कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव रोली सिंह, अल्प संख्यक मामलात विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा अरोड़ा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आर वेंकटेश्वरन और आईसीडीएस निदेशक सुषमा अरोड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Web Title : rajasthan govt don't know about contractual personal