हाईकोर्ट ने लगाई एसीएस सेठी को सजा सुनाने के आदेश पर रोक

निचली अदालत की ओर से अवमानना का दोषी मानने और 22 अप्रैल को सजा देने के आदेश पर रोक

जयपुर, 18 अप्रैल। राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य खान सचिव सुदर्शन सेठी को राहत देते हुए निचली अदालत की ओर से अवमानना का दोषी मानने और 22 अप्रैल को सजा देने के आदेश पर रोक लगा दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश सुदर्शन सेठी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।
अपील में कहा कि खान विभाग में उनका पदस्थापन गत दिसंबर माह में ही हुआ है। वहीं अदालती आदेश की पालना में गत 12 अप्रैल को प्रार्थी के पक्ष में लाइमस्टोन लीज जारी कर दी गई है। ऐसे में एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाई जाए। इस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि श्री सीमेंट ने अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि अदालत ने 26 सितंबर 2018 को आदेश जारी कर उसे दो माह में माइनिंग लीज देने के आदेश दिए थे, लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ। याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया था कि खान विभाग ने केबीनेट की मंजूरी नहीं मिलने का हवाला देकर अदालती आदेश का पालन नहीं किया है। जिस पर एकलपीठ ने पिछली सुनवाई पर खान विभाग के एसीएस सुदर्शन सेठी को अवमानना का दोषी मानते हुए उन्हें अवमानना की सजा पर फैसला देने के लिए 22 अप्रैल को सुनवाई तय की थी।

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