DGP की नियुक्ति | ना पसंद चलेगी,ना उठा सकेंंगे सियासी फायदा

इस बार नए नियमों से होगी डीजीपी की नियुक्ति, कार्मिक विभाग ने यूपीएससी को भेजा 6 नाम का पैनल, नहीं मिलेगा सेवा विस्तार 30 जून को रिटायर होंगे कपिल गर्ग

Mumbai: People make thier way through a waterlogged street after heavy rains, at Sion in Mumbai on Saturday, July 7, 2018. (PTI Photo/Shashank Parade) (PTI7_7_2018_000117B)

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जयपुर। राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति अब राज्य अपनी पसंद और किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं कर सकेंगे। संघ लोकसेवा आयोग के नए दिशा निर्देशों के अनुरूप ही अब राज्य में भी डीजीपी के पद पर नए नियमों के तहत नियुक्ति होगी। इसके लिए राज्य सरकार ने आयोग की ओर से तय की गई प्रक्रिया को अपनाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने राज्य पुलिस के छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेज दिया है। अब आयोग इन नामों में से स्क्रीनिंग कर तीन नाम राज्य सरकार को भेजेगा उनमें से एक को सरकार डीजीपी नियुक्त करेगी। नए नियम लागू होने पर अब मौजूदा डीजीपी कपिल गर्ग को सेवा विस्तार की चल रही चर्चा को विराम लग गया है। गर्ग तीन जून को रिटायर होंगे। इससे पहले राज्य सरकार ने नए डीजीपी की कवायद शुरू कर दी है।
अब तक लगते रहे हैं पसंद के अफसर
आपको बता दे कि असल में राज्य में कई सालों से डीजीपी के पद पर राज्य सरकारों की पसंद के अधिकारी लगते आए है। राज्य सरकारों ने भी अपने सियासी फायदे के लिए कई बार कई बैच जूनियर अफसरों को डीजीपी के पद पर लगाया। इसे लेकर वरिष्ठ अफसरों में रोष था। राजस्थान समेत कई राज्यों से ऐसी शिकायतें आयोग को पहुंची और सरकारों पर पुलिस का राजनीतिकरण करने के आरोप लगाए गए। आयोग ने राज्यों के वरिष्ठ आईपीएस अफसरों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया। आयोग को राज्यों का यह कदम गलत लगा। डीजीपी की नियुक्ति में बीते साल नई गाइड लाइन तय कर दी। जिसके तहत राज्य पुलिस सेवा के छह अफसरों का वरिष्ठता के हिसाब से पैनल बना कर भेज दिया गया है। हालांकि कार्मिक विभाग और गृह विभाग के पैनल को लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
गर्ग की नियुक्ति से शुरू हुआ विवाद
मौजूदा सरकार ने जब काम काज संभाला था तो संघ लोक सेवा की गाइड लाइन को नकारते हुए आईपीएस अधिकारी कपिल गर्ग को डीजी पुलिस बना दिया था। इससे पूर्व बीजेपी की राजे सरकार ने भी अपनी पसंद के आईपीएस को डीजीपी बना कर पुलिस का राजनीतिकरण किया। इस सब को आयोग ने गंभीरता से लिया और डीजीपी की नियुक्ति को लेकर नई गाइड लाइन जारी की जिसे लागू करने के लिए सभी राज्यों की सरकार को यूपीएससी ने दिशा-निर्देश भी जारी किए है।
इन अफसरों का पैनल भेजा
राज्य सरकार ने डीजीपी नियुक्ति की नई गाइड लाइन के तहत छह नाम भेजे हैं। 1985 बैच के आईपीएस ओपी गल्होत्रा, 1986 बैच के एनआरके रेडडी, डा. भूपेन्द्र सिंह व आलोक त्रिपाठी 1987 बैच के राजीव दासोत व एमएल लाठर के नाम भेजे गए हैं। नाम भेजे जाने के बाद भी गल्होत्रा व रेड्डी को डीजीपी बनाने की कम संभावना है क्योंकि बीजेपी सरकार में दोनो ही अफसर अहम पद पर थे।

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