RBI गवर्नर को RSS की दो टूक, मोदी के साथ काम करें या इस्तीफा दें

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी में पड़ी रार के बाद अब देश की स्वायत्त संस्था रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और सरकार के बीच अनबन थमने का नाम नहीं ले रही है. बीते दिनों रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की तरफ से सरकार पर बैंक के कामों में दखलंदाजी करने का आरोप लगाया. जिसके बाद से ही ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि सरकार इतिहास में पहली बार बैंक पर सेक्शन 7 लागू कर देगी. इन्हीं अटकलों और अनबन के बीच RSS के संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने गवर्नर उर्जित पटेल को लेकर बड़ा बयान दिया है. आरबीआई मामले मे नसीहत देते हुए मंच ने कहा है कि उर्जित पटेल को या तो मोदी सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए या फिर उन्हें अपने पद को छोड़ देना चाहिए.  आरएसएस के संगठन स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक अश्विनी महाजन के मुताबिक, “आरबीआई के गवर्नर को सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिये वरना वह इस्तीफा दे सकते हैं.”

आपको बता दें कि महाजन आरएसएस की स्वदेशी जागरण मंच के मुखिया हैं। महाजन ने आरोप लगाया है कि जिस तरह से रुपए की कीमत में डॉलर के मुकाबले कमी आ रही है उसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि आरबीआई अड़ियल रुख अपना रहा है और देश की जमीनी हकीकत को नहीं समझ रहा है। महाजन का बयान ऐसे समय में आया है जब मोदी सरकार और आरबीआई के बीच तनाव खुलकर लोगों के सामने आ गया है और दोनों के बीच टकराव चल रहा है।

गौर करने वाली बात है कि जिस तरह से सरकार और आरबीआई के बीच टकराव सामने आया था उसके बीच सूत्रों के हवाले से यह भी खबर सामने आई थी कि उर्जित पटेल अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सरकार और आरबीआई के बीच विवाद उस वक्त सामने आया था जब डेप्युटी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा था कि केंद्रीय बैंक की आजादी में हस्तक्षेप के परिणाम बुरे हो सकते हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार आरबीआई के उपर दबाव डाल रही है और इसकी ताकत को कम कर रही है।

जेटली ने भी साधा निशाना
एक बयान में अरुण जेटली ने कहा आरबीआई पर आरोप लगाया था कि पिछले सालों में बैड लोन लगातार बढ़ा है और आरबीआई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की बेहतर नीतियों की वजह से देश में काफी ज्यादा निवेश हुआ। यही वजह है कि विदेशी मुद्रा में भी काफी इजाफा हुआ। लेकिन आरबीआई हमेशा यह कहता है कि उसे भविष्य के लिए अपने रिजर्व को संचित रखना है। लेकिन जब अब विदेशी निवेशक बाजार से जा रहे हैं तो आरबीआई इसके लिए अंतरराष्ट्रीय फैक्टर को जिम्मेदार ठहरा रहा है।

Web Title : RBI governor's twist, work with Modi or resign