दुनिया के इस अकेले देश में महिलाओं की ड्राइविंग पर लगा बैन हटा, अब सऊदी अरब में महिलाओं को मिली ड्राइविंग की आजादी

रियाद: सऊदी अरब में महिलाएं भी आज से वाहन चला सकेंगी. देश ने अपने कानून में ऐतिहासिक सुधार करते हुए महिलाओं के वाहन चलाने पर लगे प्रतिबंध को आज से समाप्त कर दिया है. रूढ़िवादी देश में उदारता और आधुनिकता लाने की शाहजादा मोहम्मद बिन सलमान की कोशिशों के तहत यह प्रतिबंध समाप्त किया गया है. प्रतिबंध हटने के साथ ही सऊदी में हजारों की संख्या में महिलाओं के वाहन चलाने की संभावना है.Saudi Arabia ends its longstanding ban on women driving officially

गौरतलब है कि सऊदी में दशकों से महिलाओं के वाहन चलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ था. सऊदी ने इस महीने की शुरूआत से ही महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया था. प्रतिबंध हटने के कुछ ही मिनट बाद खुद कार चला कर दफ्तर पहुंची सऊदी की टीवी प्रेजेंटर सबिका अल – दोसारी का कहना है, ‘‘ यह सऊदी की सभी महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पल है. ’’ इस कदम से कहीं आने – जाने के मामले में पुरूष वाहन चालकों या परिवार के पुरूष सदस्यों पर महिलाओं की निर्भरता कम होगी. साथ ही ड्राइवर पर खर्च होने वाले धन की भी बचत होगी.सऊदी ने इस महीने की शुरूआत से ही महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया था। प्रतिबंध हटने के कुछ ही मिनट बाद खुद कार चला कर दफ्तर पहुंची सऊदी की टीवी प्रेजेंटर सबिका अल – दोसारी का कहना है , ‘ यह सऊदी की सभी महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पल है। ’ इस कदम से कहीं आने – जाने के मामले में पुरूष वाहन चालकों या परिवार के पुरूष सदस्यों पर महिलाओं की निर्भरता कम होगी। साथ ही ड्राइवर पर खर्च होने वाले धन की भी बचत होगी।no more ban on women driving in saudi arabia

गाड़ी चलाने के अधिकार के लिए भी उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा है। इसके लिए यहां महिलाओं द्वारा लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई बार तो इस नियम तो तोड़ने के कारण उन्हें सजा तक दी गई। सऊदी की आधिकारिक प्रेस एजेंसी (एसपीए) के मुताबिक 4 जून को महलाओं के पहले समूह को लाइसेंस दिए गए थे। इसके बाद यातायात महानिदेशालय ने मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों को सऊदी लाइसेंसों से बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है कि “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है। मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब मेरे पास विकल्प हैं।” इससे पहले सऊदी की राजकुमारी हायफा मे एक इंटरव्यू में कहा था कि सऊदी में कुछ रूढ़िवादी लोग हैं जो नए बदलाव से डरते हैं। राजकुमारी ने कहा था कि वह इन बदलावों का पूर्ण रूप से समर्थन करती हैं।

बता दें ये कदम राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान ने देश को रूढ़िवादी से आधुनिक बनाने के लिए उदारीकरण अभियन के तहत उठाए हैं। इस आजादी के साथ ही कुछ नियम भी निर्धारित किए गए हैं जैसे 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को ही ड्राइविंग लाइसेंस दिए जाएंगे। इसके साथ ही देश के करीब 5 शहरों में ड्राइविंग स्कूल भी स्थापित किए जा चुके हैं। अब महिलाएं यहां से गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर पाएंगी। जिन महिलाओं ने विदेशों से लाइसेंस प्राप्त किया है वह यहां टेस्ट देकर प्रथक रूप से लाइसेंस ले सकती हैं। गौरतलब है कि सऊदी में जब भी किसी तरह का कोई बदलाव होता है तो उस पर कुछ रूढ़िवादी लोग भी आपत्ति जताने से पीछे नहीं हटते। अभी कुछ समय पहले की ही बात है जब देश में मशहूर मैग्जीन वोग के कवर पेज पर छपी सऊदी अरब की राजकुमारी की तस्वीर ने बवाल मचा दिया था। जिसमें वह गाड़ी में बैठी हुई नजर आ रही थीं।

Web Title : Removing the ban on the driving of women in this single country of the world