रॉबर्ट वाड्रा 12 फरवरी को जयपुर में ईडी के कार्यालय में पेश होने का आदेश

जयपुर: मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में 12 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हो सकते है। ईडी से जुड़े सूत्रों के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था,इस पर उन्होंने 12 फरवरी को जयपुर कार्यालय में उपस्थित होने की बात कही है।Robert vadra in ED office

उल्लेखनीय है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी ने साल,2010 में बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 69.55 हैक्टेयर जमीन खरीदी थी। यह जमीन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को को आवंटित की गई थी। इस मामले को लेकर तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने साल, 2014 में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

हालांकि पुलिस की जांच में सामने आया कि दलालों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाड्रा की कंपनी को जमीन बेची गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित जयप्रकाश बांगड सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि वाड्रा की कंपनी के साथ भी आरोपितों ने धोखाधड़ी की थी। अब इस मामले को लेकर ईडी ने वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया है,जिस पर उन्होंने 12 फरवरी को उपस्थित होने की बात कही है।

प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में उतरने के बीच गरमाए इस मुद्दे के आगामी लोकसभा चुनाव तक सुर्खियों में रहने के आसार हैं। प्रियंका बुधवार को वाड्रा को ईडी दफ्तर छोड़कर कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं और महासचिव पद का पदभार ग्रहण किया।वाड्रा मामले को लेकर बीजेपी जहां कांग्रेस के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाए हुए है, वहीं इस मुद्दे पर अब तक बचती आ रही कांग्रेस भी खुलकर पलटवार कर रही है और केंद्र की मौजूदा बीजेपी सरकार पर ‘बदले की राजनीति’ से काम करने का आरोप लगा रही है।

अपने पति वाड्रा से पूछताच के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही कह चुकी हैं। उन्होंने कहा ‘पूरी दुनिया जानती है कि क्या हो रहा है।’  प्रियंका ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह इस मामले में पूरी तरह अपने पति के साथ हैं। वहीं, भाजपा वाड्रा के जरिए कांग्रेस पर लगातार हमले कर रही है।

क्या है मामला

यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड (जीबीपी) की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से धनशोधन के आरोप से संबंधित है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की है। इस जांच एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा था कि उसे लंदन की कई नयी संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है जो वाड्रा की है। उनमें पचास और चालीस लाख के दो घर तथा छह अन्य फ्लैट और अन्य संपत्तियां हैं।

ईडी ने पिछले साल दिसंबर में इस मामले में छापा भी मारा था और वाड्रा से जुड़ी कंपनी स्काईलाईट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी के कर्मचारी मनोज अरोड़ा से पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने अदालत से कहा था कि उसने अरोड़ा के खिलाफ पीएमएलए का मामला दर्ज किया था क्योंकि भंडारी के खिलाफ 2015 के कालाधन कानून के तहत आयकर विभाग द्वारा एक अन्य मामले की जांच के दौरान उसकी भूमिका के बारे में जानकारी मिली थी।

एजेंसी ने आरोप लगाया था कि लंदन की संपत्ति भंडारी ने 19 लाख पाउंड में खरीदा था और उसके सौंदर्यीकरण पर करीब 65,900 पाउंड का खर्च आने के बावजूद उसे 2010 में उसी कीमत पर बेच दिया। ईडी ने अदालत में दावा किया था, ‘‘इससे इस तथ्य को दम मिलता है कि भंडारी उस संपत्ति का असली मालिक नहीं था बल्कि उस संपत्ति का स्वामित्व वाड्रा थे जो इसके सौंदर्यीकरण पर खर्च का बोझ उठा रहे थे।’’ ईडी ने आरोप लगाया था कि अरोड़ा इस मामले में अहम व्यक्ति है और उसे वाड्रा की विदेशी अघोषित संपत्तियों की जानकारी थी।

Web Title : Robert Vadra ordered to appear in ED's office in Jaipur on February 12