तकनीकी खामी के चलते रूसी अंतरिक्षयान की हुई इमरजेंसी लैंडिंग, सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित

मॉस्को: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए एक सोयुज रॉकेट के चालक दल के दो सदस्यों को गुरुवार को आपात स्थिति में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। दरअसल अमेरिका और रूस के अंतररिक्ष यात्रियों को लेकर इंटरनेशनल स्पेस सेंटर जा रहे बूस्टर रॉकेट का इंजन टेक ऑफ के बाद ही फेल हो गया। इसके बाद इन क्रू मेंबर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। नासा ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री रेडियो से संपर्क में हैं।

रूसी समाचार एजेंसियों ने यह खबर दी। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉस्कोस्मोस ने ट्वीट किया, ‘आपात बचाव प्रणाली ने काम किया, यान कजाखस्तान में उतरने में सफल रहा।’ इंटरफैक्स समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक नासा के नौसिखिया सदस्य निक हेग और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के एलेक्सी ओवचिनिन कजाखस्तान में आपात स्थिति में उतरे। उन्हें कोई चोट नहीं आई है। ओवचिनिन की यह दूसरी अंतरिक्ष यात्रा थी। à¤¨à¥à¤¯à¥‚ज एजेंसी ने रॉकेट के भीतर की तस्वीरें जारी कीं।

ह्यूस्टन स्थित अभियान के नियंत्रण केंद्र से नासा के सीधा प्रसारण पर एक ‘वॉयस ओवर’ में कहा गया है, ‘प्रथम चरण की प्रक्रिया (सेपरेशन) के कुछ सेकेंड के बाद प्रक्षेपण के बूस्टर (रॉकेट) में समस्या आ गई और हम अब इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि चालक दल के सदस्यों ने ‘बैलिस्टिक डीसेंट मोड’ में जाना शुरू कर दिया है।’ अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने ट्वीट कर कहा कि तलाश एवं बचाव टीमें रवाना हो चुकी हैं और वे सोयुज अंतरिक्षयान के पृथ्वी पर उतरने के स्थान की ओर बढ़ रही हैं। इस बीच, क्रेमलिन ने चालक दल के दोनों सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया, ‘भगवान का शुक्र है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री जीवित हैं।’

आपको बता दें कि नासा का बूस्टर रॉकेट इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों निक हेग और रोस्कोस्कोस ‘एलेक्सी ओविचिनिन को लेकर गुरूवार को निर्धारित समय 2:40 बजे रूस के पट्टे पर बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया था। बूस्टर रॉकेट को लॉन्च के करीब छह घंटे बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉक करना था, लेकिन बूस्टर लॉन्च के कुछ मिनट बाद इंजन विफलता का सामना करना पड़ा था।

Web Title : Russian Spacecraft Emergency Landing due to Technical Depreciation