चुनावी महासंग्राम में मतदान के बाद बीकानेर की सातों सीटों के रूझान

बीकानेर पश्चिम,खाजूवाला और लूणकरणसर में कांग्रेस की जीत तय, कोलायत में भाजपा भारी, नोखा और श्रीडूंगरगढ में टक्कर

बीकानेर। विधानसभा चुनावों के लिये मतदान के बाद अब हार जीत के रूझान भी आने शुरू हो गये है। इन रूझानों में बीकानेर जिले की सात सीटों में से तीन पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही हैएएक सीट पर भाजपा भारी और दो सीटों पर भाजपा.कांग्रेस में टक्कर है। ताजा रूझानों के अनुसार जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर की चपेट में रही बीकानेर पश्चिमएखाजूवाला और लूणकरणसर में कांग्रेस की जीत लगभग तय हैएवहीं कोलायत में भाजपा प्रत्याशी पूनम कंवर के प्रति सहानुभूति की लहर के कारण वह कांग्रेस पर भारी पड़ रही हैए जबकि नोखा और श्रीडूंगरगढ बिगड़े समीकरणों के बावजूद भाजपा.कांग्रेस ने जोरदार टक्कर में है।

जानकारी में रहे कि चुनावी दौर में इस बार खासी सुर्खियों में रही बीकानेर पश्चिम सीट के लिये मुकाबला सीधे तौर से भाजपा और कांग्रेस के बीच हुआएसत्ता विरोधी लहर के कारण कांग्रेस यहां शुरू से ही भारी रही। भाजपा प्रत्याशी डॉण्गोपाल कृष्ण जोशी के खिलाफ भीतरघात का फैक्टर भी खासा प्रभावी रहा। चुनावी माहौल में अंतिम दौर में डॉण्कल्ला तमाम कांग्रेस नेताओं को एकजुट करने में कामयाब रहे इसके अलावा उन्होने जोरदार रणनीति के तहत अपना वोट बैंक मजबूत करने में कामयाब रहे।

वहीं खाजूवाला में भी सत्ता विरोधी लहर भाजपा प्रत्याशी डॉण्विश्वनाथ मेघवाल के लिये कमजोर फैक्टर रहीएइसका सीधा फायदा कांग्रेस प्रत्याशी गोविन्द राम मेघवाल को मिल रहा है। इसके अलावा दस साल लगातार किसानों. ग्रामीणों के लिये आदोलन करते रहे गोविन्द राम मेघवाल का हर वर्ग समुदाय के साथ मजबूत जुड़ाव उनका मजबूत फैक्टर रहाएयही वजह रही कि चुनावी सभाओं में कांग्रेस प्रत्याशी को लोगों अभूतपूर्व समर्थन मिला। लूणकरणसर में सत्ता विरोधी लहर के बीच जीत के लिये जुझते रहे भाजपा प्रत्याशी सुमित गोदारा भंयकर रूप से भीतरघात का सामना करना पड़ा है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी विरेन्द्र बेनीवाल मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखने में कामयाब रहे।

भाजपाई बागी प्रभूदयाल सारस्वत की मौजूदगी से बिगड़े समीकरण का फायदा भी कांग्रेस प्रत्याशी को मिलने की खबर है। जिले की अतिसंवदेनशील कहे जाने कोलायत विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक भंवर सिंह भाटी ने विकास कार्यो में कोई खामी नहीं रखीएइसलिये जनता के बीच उनकी अच्छी लहर थीएलेकिन ऐन चुनावी मौके पर भाजपा ने भंवर सिंह को शिकस्त देने के लिये दिवंगत सांसद महेन्द्र सिंह भाटी की बहु पूनम कंवर को मैदान में उतार दियाएपूनम कंवर के प्रति लोगों में उपजी सहानुभूति की लहर में भंवर सिंह का पलड़ा कमजार पड़ गयाएइसलिये भाजपा इस सीट पर भारी है।

जिले के नोखा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस लहर के बावजूद नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी का विरोध प्रभावी रहने तथा भाजपा की ओर से विश्रोई समुदाय के दिग्गज प्रत्याशी बिहारी लाल विश्रोई को चुनावी मुकाबले में उतार देने से जबरदस्त घमासान हुआ है। डूडी ने जाटों केएबिहारी ने विश्रोई के खूब वोट खिंचे, वहीं नोखा शहर के वोटों को रूझान मिला जुला रहाएइसी प्रकार दलित और ओबीसी वोटरों का रूख खुलकर सामने नहीं आने से परिणामों को लेकर असंमजस है।

श्रीडूंगरगढ के चुनावी परिणाम इस बार खासे चौंकाने वाले आयेगें. पता चला है जाट बाहुल्य इस सीट पर किसानों और ग्रामीणों का भारी समर्थन के कारण कांग्रेस प्रत्याशी मंगलाराम गोदारा की धमाकेदार जीत तय मानी जा रही थीएलेकिन माकपा के गिरधारी लाल महिया के साथ रालोपा के दानाराम कांग्रेस के लिये बड़ी बाधा बन गयेएफिर भी जाट वोटरों का रूख मंगलाराम की तरफ ही रहाएभाजपा शुरू से ही तीसरे नंबर पर आंकी जा रही थीएलेकिन चुनावी सरगर्मियों के अंतिम दौर में खबर आई कि भाजपा के बागी बनकर भारत वाहनी पार्टी से मैदान में उतरे विधायक किसनाराम ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने की खबरों के बाद श्रीडूंगरगढ में भाजपा कमजोर नहीं आंकी जा रही। फिलहाल चुनावी विश्लेषक भी श्रीडूंगरगढ के परिणाम को लेकर असमंजस में है।

Web Title : Seven seats of Bikaner after voting in the electoral Mahasangram