शिवसेना का बड़ा ऐलान, उद्धव बोले- हम जनता के सपनों के लिए लड़ रहे हैं और ‘आधुनिक चाणक्‍य’ अपनी पार्टी के हित में नीतियां बनाते हैं

नई दिल्ली: अगले साल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना में साथ लड़ने-अकेले लड़ने को लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है। शिवसेना ने भले ही अविश्वास प्रस्ताव में बीजेपी से दूरी बना ली हो। उद्धव ठाकरे ने कहा कि पीएम मोदी के नहीं आम लोगों के सपनों के लिए लड़ रहा हूं।

आपको बता दे कि बीजेपी और शिवसेना के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे बीजेपी और सहयोगी शिवसेना दोनों के गठबंधन का भविष्य खतरे में है। आम चुनावों में अब सालभर से भी कम वक्त है लेकिन दोनों गठबंधन साझीदार 2 कट्टर प्रतिद्वंद्वियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। शिवसेना ने जहां सोमवार को अपने मुखपत्र सामना में पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है, वहीं उद्धव ठाकरे ने बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह पर बड़ा हमला करते हुए उन्‍हें बीजेपी का ‘चाणक्‍य’ कहे जाने पर तंज कसा। उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्‍या वास्‍तव में उनमें चाणक्‍य होने की विशेषताएं हैं?

बीजेपी अध्‍यक्ष शाह के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाए उद्धव ने कहा कि चाणक्‍य ने अपनी कूटनीति का इस्‍तेमाल देश के कल्‍याण व बेहतरी के लिए किया था, न कि अपनी पार्टी के विकास के लिए। उन्‍होंने कहा, ‘चाणक्‍य ने देश के दुश्‍मनों को हराने और नैतिकता के साथ शासन करने की बात कही थी। लेकिन जो व्‍यक्ति खुद को चाणक्‍य बताता है, क्‍या उसमें ये खासियत हैं?’

उन्‍होंने आरोप लगाया कि मौजूदा चाणक्‍य केवल उन्‍हीं नीतियों पर काम कर रहे हैं, जिससे उनकी पार्टी का विकास हो। उन्‍होंने कहा, ‘आधुनिक चाणक्‍य केवल अपनी पार्टी के विकास से संबंधित नीतियों पर काम कर रहे हैं, देश के विकास के लिए नहीं।’ शिवसेना प्रमुख ने स्‍कूलों में गीता बांटने को लेकर भी व्‍यंग्‍य किया। उन्‍होंने इसके जरिये धार्मिक बहस छेड़कर जनता की समस्‍याओं से ध्‍यान भटकाने की कोशिश करार दिया। उन्‍होंने कहा, ‘एक तरफ तो हम डिजिटल इंडिया का सपना देख रहे हैं और दूसरी तरफ आप गीता बांट रहे हैं। इसके बजाय आप शिक्षा प्रणाली को दुरुस्‍त क्यों नहीं करते?’

शिवसेना प्रमुख की यह टिप्‍पणी अमित शाह के महाराष्‍ट्र दौरे के बाद आई है। शाह रविवार को महाराष्‍ट्र दौरे पर थे और इस दौरान उन्‍होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से सभी 48 सीटों पर 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां अकेले ही करने के लिए कहा। माना जा रहा है कि बीजेपी संसद में विपक्षी दलों की ओर से लाए गए अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का समर्थन नहीं करने की वजह से शिवसेना से नाराज है। आपको बात दे कि लोकसभा सीटों की संख्या के लिहाज से दूसरा सबसे बडा राज्य महाराष्ट्र है !

अविश्‍वास प्रस्‍ताव के दौरान बीजेपी के साथ विश्‍वासघात के सवाल पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना किसी के साथ विश्‍वासघात नहीं करती है। सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव चंद्रबाबू नायडू लाए थे, शिवसेना नहीं जबकि चंद्रबाबू खुद लोकसभा और राज्‍य का चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़े थे।’ बीजेपी के साथ सत्‍ता में बने रहने के सवाल पर ठाकरे ने कहा कि वे इसका इस्‍तेमाल जनता के हित के लिए कर रहे हैं।

अब समझ आने लगी है चाणक्‍य नीति: ठाकरे
उन्‍होंने कहा कि सरकार में रहकर उनकी पार्टी बीजेपी पर अंकुश लगा रही है। उद्धव ने हाल ही में हुए उपचुनावों में पार्टी की करारी हार पर कहा कि दाम, दाम, दंड और भेद के कारण वे चुनाव हार गए। उन्‍होंने इशारों ही इशारों में बीजेपी पर भी हमला बोला। उद्धव ने कहा, ‘खुद को जो चाणक्‍य समझते हैं, उनकी नीति अब सभी को समझ आने लगी है। इसका अध्‍ययन करने के बाद शिवसेना अपनी आगे की रणनीति बनाएगी।’ उन्‍होंने मुंबई में छत्रपति शिवाजी के प्रतिमा की ऊंचाई कम करने पर भी सवाल उठाए। बता दें कि हाल ही संसद में विपक्ष अविश्‍वास प्रस्‍ताव के दौरान केंद्र में सत्‍तारूढ़ एनडीए में शामिल शिवसेना ने किसी को वोट नहीं दिया था। महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ खराब रिश्तों के कारण बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बीजेपी के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव से पहले उसे लोकसभा के चुनावों का सामना करना है।

अकेले चुनाव के लिए तैयार रहें कार्यकर्ता: शाह
लोकसभा चुनावों की दृष्टि से उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र ही सबसे ज्यादा सीटों वाला राज्य है, इसलिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह महाराष्ट्र पर पूरा फोकस कर रहे हैं। बावजूद इसके, महाराष्ट्र में बीजेपी की रणनीति अब तक पार्टी के विस्तार और शिवसेना के साथ समन्वय के बीच झूल रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिवसेना के साथ समन्वय कहां तक और कितना किया जाए।

शिवसेना की ओर से लगातार विरोध, अकेले चुनाव लड़ने की बार-बार घोषणा और लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार का साथ न देने के बाद बीजेपी ने भी महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। रविवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुंबई में पार्टी के विस्तारकों और प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक में लोकसभा की 48 और विधानसभा की 288 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा।

Web Title : Shiv Sena's big announcement, Uddhav Thackeray says