भारत के सिद्धांतों को ताक पर रख नापाक से गले मिले सिद्धू; कांग्रेस नाराज, भड़की भाजपा

क्रिकेट से राजनीति में आये नवजोत सिंह सिद्धू अपने दोस्त और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में भाग लेने पाकिस्तान गये हुए हैं. इस शपथ ग्रहण में सिद्धू ने भी सुर्खियां बटोरी हैं. दरअसल शपथ से पहले कार्यक्रम में शामिल होने आए पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर बाजवा ने सिद्धू से मुलाकात की और इस दौरान बड़ी गर्मजोशी से दोनों गले मिले. 

नई दिल्ली: इमरान खान पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस्लामाबाद में राष्ट्रपति भवन में इमरान खान शपथ लेकर पाकिस्तान की कमान संभाल ली है। इस दौरान भारत की ओर से एकमात्र नवजोत सिंह सिद्धू समारोह में शामिल हुए। जिसको लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। सिद्धू के शपथ ग्रहण में शामिल होने पर ही बीजेपी हमलावर है अब उन्होंने पाक आर्मी चीफ को भी समारोह में गले लगा लिया। सिद्धू के इस तरह बाजवा से गले मिलना कांग्रेस प्रवक्ता को भी पसंद नहीं आया। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने एक चैनल पर कहा, ‘यदि वह मुझसे सलाह लेते तो मैं उनको पाकिस्तान जाने से मना करता। वह दोस्ती के नाते गए हैं, लेकिन दोस्ती देश से बड़ी नहीं है। सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं और ऐसे में पाकिस्तान सेना के चीफ को सिद्धू का गले लगाना गलत संदेश देता है।VIDEO: भारत के सिद्धांतों को ताक पर रख नापाक से गले मिले सिद्धू, भारत में विरोध जारी

भारत सरकार को उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। भारत सरकार की सहमति से वह पाकिस्तान गए हैं।’ यही नहीं सिद्धू को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति मसूद खान के साथ भी देखा गया, जिससे विवाद के और बढ़ने की आशंका है। हालांकि कांग्रेस को इस पर बीजेपी और उसके समर्थकों की ओर से घेरा जा सकता है। बता दें कि पूर्व कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के भी पाकिस्तान जाने पर कई बार बीजेपी उस पर हमलवार रही है। ऐसे में सिद्धू का पाकिस्तान जाना एक बार फिर से कांग्रेस के गले की फांस बन सकता है।

इससे पहले सिद्धू ने कहा था कि वह पाकिस्तान में अमन के संदेश के साथ पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि जोड़ने वाले का कद हमेशा बड़ा होता है। सिद्धू के पाक आर्मी चीफ से गले मिलने पर ऐसा लग रहा है कि बवाल हो सकता है क्योंकि पहले ही उनके पाकिस्तान जाने पर सोशल मीडिया पर यूजर्स तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भारत के जानकारों का कहना है कि सिद्धू ने भारतीय सिद्धांतों को ताक पर रखकर पाकिस्तान गए हैं। साथ ही मोदी सरकार के मंत्रियों ने कहा है कि देश के सबसे दुखद घड़ी (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन) में जश्न मनाने जैसा काम किया है। इसको देश कभी नहीं भूलेगा। सिद्धू को जनता इसकी सजा देगी।इतना ही नहीं शपथ ग्रहण समारोह में आए मेहमानों के बैठने की सूची में सिद्धू को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल में बिठाया गया. पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के इस हिस्से को आजाद कश्मीर कहता है जबकि भारत सदा से इसे अपना हिस्सा मानता आया है.

आपको बता दे कि इमरान खान ने निजी संबंधों के आधार पर सिद्धू, सुनील गावस्कर और कपिल देव को आमंत्रित किया था. हालांकि कपिल देव और गावस्कर शपथग्रहण समारोह में नहीं गये. इतना ही नहीं शपथ ग्रहण समारोह में आए मेहमानों के बैठने की सूची में सिद्धू को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल में बिठाया गया. पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के इस हिस्से को आजाद कश्मीर कहता है जबकि भारत सदा से इसे अपना हिस्सा मानता आया है.पाकिस्तान के आर्मी चीफ से गले मिलते नवजोत सिंह सिद्धू।

 

Web Title : Siddhu meets India's ideals