जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गौरव यात्रा निकाल रही हैं, तो वहीं कांग्रेस सत्ता परिवर्तन के लिए राजस्थान में संकल्प रैलियों का सहारा ले रही है। रैलियों में जुट रही भारी भीड़ से कांग्रेस और उसके नेताओं के हौसलें बुलंद नजर आ रहे है। अब तक कांग्रेस की पांच संकल्प रैलियां हो चुकी है। जिनमें चूरु की रैली को छोड़कर बाकी में एक लाख या फिर उससे ज्यादा की भीड़ जुटी। कांग्रेस की रैलियों में जुट रही भीड़ को लेकर विश्लेषक और जानकार इसे संभावित सियासी तस्वीर से जोड़कर देख रहे हैं। सत्ता बरकरार रखने के लिए जहां भाजपा गौरव यात्रा निकाल रही है वहीं सत्ता हासिल करने की जद्दोजहद में जुटी कांग्रेस संकल्प रैलियां आयोजित कर रही है।कांग्रेस की संकल्प यात्रा में जुटे दिग्गज नेता

कांग्रेस ने अपनी पहली संकल्प रैली के लिए मेवाड़ के रण को चुना और सांवलिया सेठ में पहली रैली कराई। पहली ही रैली में कांग्रेस के दावों के मुताबिक अच्छी खासी भीड़ जुटी। भीड़ से उत्साहित कांग्रेस ने अन्य रैली में भी सभी नेताओं को भीड़ जुटाने का टास्क दे दिया जिसके चलते मारवाड़, डांग और अजमेर अंचल में रैलियों में कह सकते है कि सैलाब उमड़ पड़ा।

रैलियों का फंडा कामयाब
सिर्फ चूरु की रैली थोड़ी सी फिकी रही। जहां आंकड़ा सत्तर हजार तक सिमट गया। बाकी करौली, पचपदरा, परबतसर और सांवलिया में एक लाख या फिर उससे ज्यादा भीड़ जुटी। दरअसल टिकट के दावेदारों ने टिकट पाने की चाहत के चलते भीड़ जुटाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। अब भला भीड़ के सैलाब को देखकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट को जोश क्यों नहीं आएगा। लिहाजा मंच से ही दोनों नेता फिर भाजपा सरकार की विदाई और करारी हार का दावा करने में जुट जाते हैं। अभी एक और कांग्रेस की संकल्प रैली हाड़ौती अंचल में होना बाकी है।

कांग्रेस इस रैली के समापन के जरिए और ज्यादा भीड़ जुटाकर सत्ता परिवर्तन का साफ मैसेज देना चाहती है। इसलिए कांग्रेस राहुल गांधी को हाड़ौती की संकल्प रैली में लाएगी। सितम्बर तक संकल्प रैलियां समाप्त हो जाएगी। उसके बाद अक्टूबर में राहुल गांधी के दौरे शुरू हो जाएंगे तो कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सत्ता परिवर्तन के लिए कांग्रेस का संकल्प रैलियों का फंडा कामयाब होता दिख रहा है।

पायलट ने पूछा 23वां सवाल
भीड़ जुटाकर यह माहौल बनाने में भी कामयाब हुई कि जनता किसको समर्थन देने जा रही है। ऐसे में संकल्प रैलियों में जुटी भीड़ के जरिए जनता संभावित परिणामों को लेकर चर्चा में भी जुट गई है। भाजपा की गौरव यात्रा को लेकर कांग्रेस का हर दिन एक सवाल पूछने का सिलसिला जारी है। इसके तहत पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने सरकार से 23 वां सवाल किया है। पायलटने कहा कि कोटा संभाग में किसानों की लहसुन फसल की खरीद महज 2 रुपए प्रति किलो की गई जिससे निराश होकर कईं किसानों ने सुसाइड कर ली।

वहीं दूसरी और सरकार ने किसान के लहसुन को दूसरे जिले की मंडियों में 32.75 रुपए किलो खरीद कर 295 करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम दिया। पायलट ने कहा कि सरकार ने अपने स्तर पर लहसुन की उचित दरों पर खरीद नहीं करने के कारण उसके भाव दो रुपए किलो पहुंच गए। ऐसे में किसानों का सब्र टूट गया और निराश हाड़ौती संभाग के सात किसानों ने आत्महत्या कर ली। पायलट ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है फिर भी सरकार को गौरव महसूस हो रहा है।