रुपए में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट, 69 के लेवल को भी किया ब्रेक; कार, मोबाइल और पेट्रोल महंगा होगा

नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 68.89 पर खुला। बाद में रुपए ने डॉलर के मुकाबले 69 का स्तर तोड़ दिया। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 69.0300 पर पहुंच गया। बुधवार को रुपया 1 डॉलर के मुकाबले 68.60 रुपए पर बंद हुआ था। सिर्फ जून में रुपए में 2.1 फीसदी की गिरावट आई है। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपया का 68.865 पर पहुंचने का रिकॉर्ड था। 2018 में डॉलर के मुकाबले रुपया 7.2 फीसदी कमजोर हो चुका है। पूरे एशिया में रुपए ने 2018 में सबसे खराब प्रदर्शन किया है।

डॉलर के मुकाबले बुधवार को रुपया 37 पैसे कमजोर होकर 19 महीने के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। रुपए में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और महंगाई के दबाव के कारण कमजोरी आ रही है। रुपए में कमजोरी से भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है। रुपए में कमजोरी को रोकने के लिए रिजर्व बैंक भी बुधवार को बाजार में कूद पड़ा था। हाल ही में वित्त मंत्रालय का कार्यभार देख रहे मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि लंबे समय में रुपया स्थिर रहेगा। हालांकि ईटी के एक पोल में दिसंबर तक रुपया डॉलर के मुकाबले 70 तक जाने का अनुमान लगाया था।

कमजोर रुपए के कारण हमारा इंपोर्ट महंगा हो जाएगा। भारत अपने उपयोग का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अब हमें तेल के आयात पर ज्यादा रुपए देने होंगे। इसक कारण भारत का चालू खाता घाटा बढ़ जाएगा। इस कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के भाव भी बढ़ेंगे। जिसका असर सीधे महंगाई पर पड़ेगा। विदेश में पढ़ने वाले छात्रों को दिक्कत होगी। उनके घर वालों को अब ज्यादा पैसा भेजना होगा। कंप्यूटर, फोन और कार के महंगे होंगे क्योंकि इनके पार्ट्स आयात किए जाते हैं। एक्सपोर्ट करने वालों के लिए कमजोर रुपया अच्छा है। उनको अब अपने प्रोडक्ट के लिए ज्यादा रुपए मिलगे। इसका फायदा आईटी कंपनियों और फार्मा कंपनियों को होगा। इनकी अधिकतर आय विदेशों से होती है।

Web Title : The biggest fall in history in rupee, level 69 also break