बड़ा खुलासा: दूसरी पत्नी और पहली पत्नी की बेटी के बीच की गहरी अनबन ने उजाड़ दी भय्यूजी महाराज की जिंदगी

नई दिल्ली: दुनिया को संयम और मुक्ति की सीख देने वाले हाई प्रोफाइल आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज की मौत ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है. हर कोई जानना चाहता है कि वो कौन सी वजह थी जिसने एक विनम्र और आध्यात्मिक छवि के व्यक्ति को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया. सुसाइड नोट मिलने के बाद से हर जुबान पर यही सवाल है कि दूसरों को डिप्रेशन से निकलने का ज्ञान देने वाला शख्स आखिर खुद कैसे डिप्रेशन में आ सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर वह कौन सा दबाव था जिसे झेलना भय्यूजी महाराज के लिए असहनीय हो गया? हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में पारिवारिक विवाद को बड़ी वजह बताया जा रहा है.

दरअसल दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे। दर्जनों ऐसे मौके आए जब पत्नी और बेटी आमने-सामने हो गई। दोनों के बीच सुलह और सब कुछ सामान्य करने के प्रयास भय्यूजी महाराज करते रहे, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। मंगलवार को बेटी पुणे से इंदौर आने वाली थी, तब उनके घर मौजूद परिजन और कर्मचारियों को भी विवाद होने का भय सता रहा था। भय्यूजी महाराज को भी शायद इस बात का अंदेशा हो गया था। हजारों लोगों को उनकी समस्याओं का चुटकियों में हल बताने वाले भय्यूजी महाराज शायद जब अपनी समस्या का हल नहीं तलाश पाए तो उन्होंने खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली।bhaiyyu maharaj

सुसाइड नोट में भय्यूजी ने क्या लिखा

पुलिस ने एक पेज का सुसाइड नोट जारी किया जिसमें भय्यूजी ने तनाव की वजह से खुदकुशी करने की बात लिखी है. हालांकि अभी तक सुसाइड नोट के दूसरे पेज का खुलासा नहीं किया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक दूसरे पेज में भय्यू ने सुसाइड के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है और अपने विश्वासपात्र विनायक को प्रॉपर्टी की देखरेख करने की बात लिखी है. भय्यूजी ने लिखा ‘विनायक मेरे विश्वासपात्र हैं, सारा प्रॉपर्टी वही संभालें. किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी होगी, मुझे उस पर विश्वास है, वह यह काम करेगा. मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं. यह मैं किसी दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं, इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है.’

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कलह की पहली वजह: बेटी को पिता की दूसरी शादी पसंद नहीं थी
जानकारी के मुताबिक दूसरी पत्नी को घर लाते ही बेटी ने पूजा का सामान फेंक दिया। पहली पत्नी माधवी के निधन के बाद भय्यूजी महाराज ने डॉ. आयुषी से शादी करने के निर्णय के बारे में बेटी कुहू को नहीं बताया था। वह शादी से सहमत नहीं थी। गुस्से के कारण कुहू शादी में भी शामिल नहीं हुई। डॉ. आयुषी जब पहली बार घर आईं तो कुहू ने इसका विरोध किया। दोनों में कहासुनी भी हुई। कुहू ने गुस्से में भय्यूजी महाराज के पूजन स्थल से दीपक और सामान फेंक दिया। डॉ. आयुषी को इससे बहुत तकलीफ हुई। उन्होंने भय्यूजी महाराज से कहा- ‘तुमने कुहू की इस हरकत का विरोध क्यों नहीं किया।’ भय्यूजी महाराज ने कहा कि बेटी नादान है। उसकी मां इस दुनिया में नहीं है। समय के साथ-साथ सब सामान्य हो जाएगा। डॉ. आयुषी को बुरा लगा। वह कुहू की हरकत से ज्यादा इस बात से दुखी हुई कि उनके पति ने उनका साथ नहीं दिया।भय्यूजी के सुसाइड नोट का एक और पन्ना आया सामने, न बेटी, न पत्नी, एक सेवादार को सौंपे वित्तीय अधिकार

कलह की दूसरी वजह: घर से हटवा दी पहली पत्नी की तस्वीरें
डॉ. आयुषी ने शादी के कुछ समय बाद मकान का रंगरोगन करवाया। पुताई के दौरान उन्होंने कुहू की मां व भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी माधवी की सारी तस्वीरें हटवा दीं। जब कुहू पूणे से घर आई और मां की तस्वीरें गायब देखी तो हंगामा कर दिया। डॉ. आयुषी और कुहू के बीच जमकर कहासुनी हुई। उस वक्त भी भय्यूजी महाराज बेटी के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने डॉ. आयुषी को समझाने की कोशिश की और कहा वह बेटी को कैसे डांट सकते हैं। इन दोनों घटनाओं से डॉ. आयुषी और गुस्सैल हो गई। अब वह भय्यूजी महाराज और उनके करीबी कर्मचारियों से भी सीधे लड़ने लगी थी। भय्यूजी महाराज बेटी और पत्नी के बीच फंस चुके थे। घर का हर कर्मचारी इस बात से भयभीत रहता था कि घर में किसी भी वक्त बवाल मच सकता है।

कलह की तीसरी वजह: माता-पिता को घर के सामने दिला दिया बंगला
डॉ. आयुषी ने भय्यूजी महाराज के सामने अपने माता-पिता को साथ रखने का प्रस्ताव रख दिया। दबाव में भय्यूजी महाराज ने अपने घर के सामने ही बड़ा बंगला किराए पर लिया और डॉ. आयुषी के माता-पिता को ठहराया। जैसे ही कुहू को इस बारे में पता चला, उसने पिता से नाराजगी जताई। भय्यूजी महाराज ने बेटी को समझाने का प्रयास किया और कहा कि वह कुछ समय में सब कुछ ठीक कर देंगे। उन्होंने स्कीम-74 में 60 लाख रुपये का प्लॉट खरीद लिया है। वहां बड़ा बंगला बनाकर कुहू के साथ रहेंगे। कुहू ने उनकी बातों पर विश्वास करने से इन्कार कर दिया। भय्यूजी महाराज को हर वक्त यही लगता था कि पत्नी और बेटी में किसी भी वक्त हाथापाई हो सकती है। आश्रम के कर्मचारी और नौकर-नौकरानी भी गृह कलह से सहमे-सहमे रहते थे।

पिता की मौत के बाद घर जाते ही बेटी ने तोड़ दीं दूसरी मां की तस्वीरें
कुहू करीब तीन महीने बाद मंगलवार को इंदौर लौटी थी। वह सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची और पिता को देखा। पिता को खून से सना देख बदहवास हो गई। दोपहर में वह गुस्से में घर (सिल्वर स्प्रिंग) पहुंची और डॉ. आयुषी की तस्वीरों को तोड़ना शुरू कर दिया। उनके साथ मौजूद कांग्रेस की महिला नेता ने उसे संभाला और कमरे में लेकर गई। मां और बेटी में मारपीट न हो, इसके लिए दोनों को अलग रखा और उनके कमरों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा।पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि भय्यूजी महाराज ने सुसाइड नोट के एक पेज में लिखा है कि वह भारी तनाव से तंग आने के कारण जान दे रहे हैं, जबकि इसके दूसरे पेज में उन्होंने अपने उत्तराधिकार को लेकर उनके एक खास सेवक पर भरोसा जताया है जो पिछले 15 साल से उनसे जुड़ा था।भय्यूजी ने मंगलवार को अपने घर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी

सीबीआई जांच की मांग के बीच पुलिस ने बुधवार को इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की कि उनकी हत्या की गई थी। डीआईजी ने मीडिया से कहा, ‘मौके से मिले पक्के सबूतों और मामले की शुरुआती जांच के आधार पर हमें रत्ती भर भी संदेह नहीं है कि भय्यू महाराज ने खुद को गोली मारकर जान दी। घटना का स्वरूप और इसकी प्रकृति एकदम स्पष्ट है। उन्होंने खुदकुशी का बड़ा कदम क्यों उठाया, इसकी अलग-अलग पहलुओं पर विस्तृत जांच की जा रही है।’

डीआईजी ने कहा, ‘मामले की शुरुआती जांच में इस बात के संकेत जरूर मिले हैं कि वह पारिवारिक कलह के कारण तनाव में थे। लेकिन अलग-अलग सबूतों और बयानों की रोशनी में विस्तृत जांच जारी होने के चलते हम उनकी खुदकुशी के वास्तविक कारण को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं।’ उन्होंने बताया कि घटना में जिस रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया गया, उसे जांच के लिए अपराध विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। डीआईजी ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि इस रिवॉल्वर का लाइसेंस किसके नाम पर है। हालांकि, भय्यूजी महाराज के पारिवारिक सदस्यों ने पुलिस को बताया है कि इस आग्नेय हथियार का लाइसेंस आध्यात्मिक सन्त के नाम पर ही जारी किया गया था।

इस बीच, सोशल मीडिया पर सीसीटीवी कैमरे का 11 जून का वीडियो फुटेज सामने आया है जिसमें भय्यूजी महाराज एक महिला और कुछ अन्य लोगों के साथ एक स्थानीय रेस्तरां में दिखाई दे रहे हैं। डीआईजी ने कहा कि पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ है कि इस वीडियो फुटेज का भय्यूजी महाराज की आत्महत्या के मामले से कोई लेना-देना नहीं है। भय्यू महाराज अपनी पारिवारिक मित्र की संतानों के एक शिक्षण संस्थान में दाखिले के सिलसिले में मदद के लिए रेस्तरां पहुंचे थे। भय्यूजी महाराज को अंतिम विदाई देने इंदौर पहुंचे उनके कुछ भक्तों ने अपने गुरु की साजिशन हत्या का संदेह जताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। संत की मौत को लेकर उठे अलग-अलग सवालों के बीच प्रदेश कांग्रेस पहले ही मांग कर चुकी है कि उनकी खुदकुशी के मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

 

Web Title : The deep distraction between the second wife and the daughter has devastated the life of Bhayyaji Maharaj