फिर खुलेंगे 5 नवंबर से सबरीमाला मंदिर के कपाट…कल से धारा 144 लागू, तैनात होंगे 5000 जवान

नई दिल्ली: केरल के सबरीमाला मंदिर पर विवाद अभी पूरी तरह थमा नहीं है। इस बीच 5 नवंबर से मंदिर के कपाट विशेष पूजा के लिए खुलने जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर केरल के कई इलाकों में 3 दिन के लिए धारा 144 लगाई जाएगी। मंदिर के कपाट खुलने पर फिर टकराव की नौबत न आ जाए इससे बचने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। इसके लिए शनिवार शाम से ही पुलिस के 5000 जवान तैनात कर दिए जाएंगे।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पिछले महीने महिलाओं (10 से 50 वर्ष की आयु) को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पिछले महीने काफी हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इसे देखते हुए ही प्रशासन की ओर से 4 से 6 नवंबर तक सन्नीधनम, पंबा, निलाक्कल और इलावंकुल में धारा 144 लगाने का फैसला किया गया है। फिलहाल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने मंदिर कस्बे व दूसरे स्थानों पर 16 से 22 अक्टूबर और सोमवार सुबह तक बाधा पैदा करने वाले गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 3,505 हो गई है।

विभिन्न थानों में 529 मामले दर्ज किए गए हैं। मंदिर पांच नवंबर को खुलेगा और इसके बाद 16 नवंबर को करीब दो महीने के नियमित वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए खुलेगा। सरकार जहां अदालत के फैसले को हर हाल में लागू करने की बात कर रही है, वहीं बीजेपी व अन्य दल फैसले के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। इस कड़ी में बीजेपी ने दूसरे चरण का आंदोलन मंगलवार से शुरू किया। बीजेपी का कहना है कि आगामी रथ यात्रा में पार्टी को बिशप और मौलानाओं का भी समर्थन है। रथयात्रा निकालेगी बीजेपी बीजेपी की एनडीए सरकार ने छह दिनों की रथयात्रा निकालने का ऐलान भी किया है। यह रथयात्रा कासरगोड से सबरीमाला तक 8 नवंबर से निकाली जाएगी।

इस रथयात्रा को निकालने के पीछे उद्देश्य है कि सबरीमाला मंदिर की परंपरा और रिवाजों को बचाया जा सके। उधर 16 नवंबर को नियमित वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए खुल रहे मंदिर के कपाट में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शामिल होने संभावना जताई जा रही है। सबरीमाला मंदिर में आकर पूजा करने की बात उनके विवादित बयान के बाद सामने आई है। अमित शाह कन्नूर में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। तब उन्होंने न सिर्फ राज्य की लेफ्ट सरकार को घेरा बल्कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाए थे।

उधर 16 नवंबर को नियमित वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए खुल रहे मंदिर के कपाट में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शामिल होने संभावना जताई जा रही है। सबरीमाला मंदिर में आकर पूजा करने की बात उनके विवादित बयान के बाद सामने आई है। अमित शाह कन्नूर में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। तब उन्होंने न सिर्फ राज्य की लेफ्ट सरकार को घेरा बल्कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाए थे।

Web Title : Then open from the Sabarimala temple on November 5.