सरकारी फाइलों में दफन पचपदरा की पर्यटन विकास योजना, सिरे नहीं चढ पाई योजना, पर्यटनप्रेमी हुए निराश

-बरसों पहले दिखाए थे सपने, आज तक नहीं हुआ अमल

बाड़मेर/पचपदरा: पचपदरा में पर्यटन विकास को लेकर बुना गया ताना-बाना बरसों बाद भी सरकारी फाइलों से धरातल पर मूर्त रुप नहीं ले पाया है। पचपदरा को आज तक इस बात का मलाल है कि उन्हें जो सपने दिखाए गए थे, वे साकार नहीं हो पाए। पचपदरा में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रषासन ने 1998 में इस स्थान को पर्यटन विकास के प्वॉइन्ट के रुप में चिन्हित किया था। जिला प्रषासन के निदेर्षों पर तहसील प्रषासन ने जिला स्तरीय पर्यटन विकास समिति को तमाम जानकारियों सहित प्रस्ताव बनाकर भेजा था। लेकिन नतीजा कुछ भी हासिल नहीं हो पाया। पर्यटन विकास की प्रस्तावित योजना आज तक ठण्डे बस्ते में है।

पचपदरा सहित आसपास का क्षेत्र पर्यटन विकास के लिहाज से काफी समृद्ध है। यहां हर साल हजारों की तादाद में ठण्डे मुल्कों से शीतकालीन प्रवास के लिए कुरजां सहित विभिन्न दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी डेरा डालते है। पचपदरा साल्ट में सदियों पुराना लवण उधोग व नमक संग्रहण के लिए बनाए जाने वाले पिरामिड, अंग्रेजकालीन इमारतें, घाट-कंगूरों से आच्छादित तालाब, विभिन्न धार्मिक व एतिहासिक स्थलों को देखते हुए यहां पर्यटन विकास का खाका खींचा गया था, लेकिन सरकारी उदासीनता पचपदरा के इस सपने को निगल गई। पचपदरा सरपंच एडवोकेट विजयसिंह राठौड के अथक प्रयासों से पचपदरा के आबादी क्षेत्र में स्थित कलात्मक घाट कंगूरों से आच्छादित नाडी तालाब को मालाणी का पुष्कर नाम से पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की प्रस्तावित योजना से उम्मीद जगी है, लेकिन इस पर भी कछुए की चाल का साया पर्यटनप्रेमियों को निराष कर रहा है।

हर लिहाज से हितकर-पर्यटन के लिहाज से पचपदरा आज भी काफी समृद्ध है। यहां पर्यटन के भरपूर अवसर व संभावनाएं है। यहां पर पर्यटन विकास पर कार्य किए जाए तो हर लिहाज से हितकर साबित
अरविन्द कुमार मदाणी
अध्यक्ष, ओसवाल समाज

सरकार तक पहुंचाएगे मुद्दा-अरसे पूर्व प्रस्तावित यह योजना पचपदरा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस पर अमल के लिए प्रषासन व सरकार तक बात पहुंचाई जाएगी।
डंूगर भाई देवासी
उप सरपंच, पचपदरा

पर्यटन योजना पर हों अमल-पचपदरा के लिए प्रस्तावित पर्यटन विकास की योजना लम्बे समय से ठण्डे बस्ते में कैद है। प्रषासन को चाहिए कि इस प्रस्तावित योजना पर अमल किया जाए, ताकि पचपदरा में पर्यटन के अवसर सुलभ हो सके।
उतम एन. कांकरिया
सामाजिक कार्यकर्ता

ताकि मिले मानचित्र पर पहचान-पचपदरा में पर्यटन विकास व पर्यटकों को लुभाने की हर लिहाज से स्थितियां व क्षमता है। सरकार की ओर से यहां पर्यटन विकास के कार्य करवाए जाने से पचपदरा को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिल सकेगी।
मांगीलाल सेजू
ठेकेदार

प्रवासी परिन्दों को मिलेगा संरक्षण-पचपदरा व आसपास के क्षेत्र में हर साल षीतकालीन प्रवास के लिए हजारों की तादाद में विदेषी पक्षी यहां पहुंचते है। सरकारी स्तर पर इनके संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। पर्यटन योजना के अमलीजामा पहनने से इन प्रवासी परिन्दों को भी संरक्षण मिल सकेगा।
नवरतन सोनी, पार्षद

मिलेंगे रोजगार के नए अवसर-पचपदरा में पर्यटन विकास होने से यहां पर्यटकों की आवक बढेगी। इससे यहां रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। सरकार को इस योजना पर अमल करना चाहिए।
दीपक एस. प्रजापत
अध्यक्ष, लेख्यपत्र लेखक संघ

Web Title : Tourism Development Plan for Panchapada, buried in government files