नागौर पुलिस की अनोखी पहल, साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए पुलिस जनसंवाद के जरिए जनता को देगी जानकारी

नागौर: डिजिटल इंडिया के नारों के बीच तमाम तरह की जालसाजी से लेकर ऑनलाइन ठगी पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान की नागौर जिला पुलिस के नवागत एसपी हरेंद्र महावर ने एक अनोखी पहल शुरू की है. पुलिस कप्तान का मानना है कि पुलिस व साइबर सेल ऐसे अपराध का वर्कआउट करने के लिए मौजूद है, लेकिन अगर इसके प्रति पब्लिक खुद जागरूक हो तो इसपर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा. ऐसे में अब नागौर पुलिस इस तरह के क्राइम के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी. इसके लिए एसपी ने सभी थानेदारों को भी निर्देश जारी किया है.

बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए व साइबर क्राइम की वारदातों से लोगों को राहत दिलाने के लिए ये नागौर पुलिस की एक अनोखी पहल है, लोगो को आए दिन आम जनता कभी ऑनलाइन शॉपिंग तो कभी ऑनलाइन ट्रानजेक्शन के जरिए साइबर क्राइम का शिकार होते रहते हैं. ऐसे ही ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए नागौर के नए एसपी हरेंद्र महावर ने जनता को इन वारदातों से बचाने के लिए नागौर पुलिस अब आम उपभोक्ताओं से कभी बैंक कर्मी बनकर तो कभी इनकम टेक्स अधिकारी बन कर ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में सभी जानकारी देगी.

साथ ही जिले के पुलिस कप्तान हरेंद्र महावर ने साइबर क्राइम या ऑनलाइन ठगी से लोगों के बचाने के लिए लोगों को जागरुक बनाने के लिए पुलिस को अपने बीट में जाकर जनता को साइबर क्राइम से बचने के उपायों से अवगत कराने का आदेश दिया है. इसके लिए थाना स्तर पर आयोजित होने वाली पुलिस पब्लिक जनसंवाद के जरिए पुलिस जन समन्वय शिविर में विशेष रूप से ऑनलाइन फ्रॉड एवं साइबर अपराध की जानकारी ग्रामीणों को देगी.

नागौर एसपी हरेंद्र महावर ने साइबर क्राइम एवं ऑनलाइन ठगी की रोकथाम के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर जानकारियों का प्रारुप तैयार किया है, जो जनता को इस क्राइम का शिकार होने से बचाएगी. इसके तहत एसपी हरेंद्र महावर ने आम जन से अपील की है की.

– वह अपने खातों की जानकारी ,एटीएम के पिन नंबर ,सीवीसी नम्बर की जानकारी किसी को भी ना दे. – किसी भी सूरत में अपने मोबाइल पर आने वाले खातों से लिंक ओटीपी या एटीएम नंबर शेयर ना करे. – आधार कार्ड वेरिफिकेशन के नाम पर ,एटीएम के संबंध में आपके खातों से जुड़ी जानकारी शेयर ना करे. – साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले लोग आपसे कोई भी अधिकारी बन कर आपकी जानकारी शेयर करने का प्रयास करेंगे. लेकिन अपने बैंक खातों से जुड़ी जानकारी कोई भी भी शेयर ना करे.

– ऑनलाइन फ्रॉड होते ही उसकी जानकारी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ बैंक के कस्टमर केयर को दें – तत्काल अपने ख़ातो को एव एव एटीएम को ब्लाक कराएं एसपी हरेंद्र महावर ने अपने इंटरव्यू में कहा है कि नागौर पुलिस जनता को साइबर क्राइम से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. साथ ही अगर कोई उपभोक्ता इसका शिकार होता है तो पुलिस महकमें का साइबर सेल पीड़ित की मदद करेगी. हरेंद्र महावर के मुताबिक पुलिस का पहला प्रयास यही है कि आमजनता खासकर ग्रामीणों को ऑनलाइन फ्रॉड और उसके बचाव के तरीकों से पूरी तरह अवगत कराया जाए ताकि वह साईबर क्राइम के अपराधियों से बच सकें.

Web Title : Unique initiative of Nagaur Police, to curb cyber crime