एकता के हत्यारे 21 दिन बाद भी गिरफ्तार नही, मृतका के मायके में पसरा मातम

बाड़मेर: अग्नि को साक्षी मानकर जिससे सात फेरे लेकर सात जन्म तक साथ निभाने का वादा किया वह वादा 100 दिन भी पूरा नही निभा पाया। दहेज की मांग साँसों की डोर पर भारी पड़ी और एसटीसी परीक्षा में 97 फीसदी अंक हासिल करने वाली जिंदगी हार बैठी। बाड़मेर में 20 दिन पहले हुई हत्या में आज भी पुलिस के हाथ खाली है और मृतका के परिजनों के आंखों के आंसू सूख चुके है !

पेश है खास रिपोर्ट “एक थी एकता “ घर का चूल्हा तो रोज जल रहा है लेकिन जिंदगी थमी थमी सी है। आशियाने के मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की मूर्ति का तोरण द्वार अभी भी लटका है। बीते दिसम्बर की 3 तारीख को जिस आंगन में यज्ञवेदी सजी थी आज वहाँ मायूसी, मातम और मरघट सा माहौल है। यह है उस एकता ढाका का घर जिसकी हत्या बीती 27 मार्च को उंसके ससुराल वालों ने कर दी थी। घटना को 20 दिन के करीब होने को है लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ नही हुआ। मृतक एकता के पिता और सेना के जवान धर्माराम बताते है कि सोचा नही था कि जिस बेटी को 100 दिन पहले डोली में विदा किया था उसीको इतने जल्दी अर्थी से विदा करना पड़ेगा।

एकता के आशियाने से रह रह कर निकलती क्रंदन की आवाज किसी पत्थर का भी सीना चिर दे, माँ के पास बेटी की पुरानी तस्वीरों के अलावा कुछ नही। ससुराल में मिली प्रताड़ना के बाद मार दी गई एकता के परिजनों ने महिला थाने में उंसके पति प्रकाश पूनिया, सास शांति देवी, ससुर भगाराम औऱ ननद मोनिका के खिलाफ धारा 498 ए और 304 बी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माँ की आंखों के आंसू भी अब रो रो कर सूख चुके है। एकता की माँ बताती है कि बेटी को गाड़ी और 5 लाख रुपये के लिए प्रताड़ित किया जाता था। और दहेज की यही मांग उंसके लिए काल का क्रूर पंजा बनी।

दहेज के दानव ने एक नविवाहिता को बेवक्त, बेसमय और बेवज़ह इस दुनिया से अलविदा कहने को मजबूर कर दिया और उसके वाल्दीनो के लिए जिंदगी भर का गम लिख दिया गया। मामले को दर्ज हुए 20 दिन के करीब हो गए है लेकिन अभी एक अदद गिरफ्तारी नही हो पाई है। मामले में पुलिस के मुखिया डॉक्टर गगन दीप सिंह सिंगला का कहना है कि मामले की जांच बाड़मेर पुलिस व्रताधिकारी कर रहे है।

मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हमे प्राप्त हो गई है और कार्यवाही की जाएगी। पहले दहेज के लिए हत्या और फिर सामाजिक स्तर पर राजीनामे के लिए दबाव के चलते एकता का परिवार प्रताड़ना के दोहरे दावानल में जल रहा है। बेटी तो रुख्शत हो गई लेकिन बेटी को मौत के पंजो में पहुचाने वाले के खिलाफ कार्यवाही के लिए एक बेबस सैनिक पिता और माँ सूनी आंखों से कानून के रखवालों की तरफ देख रही है। उनका न्याय का इंतजार कब खत्म होता है यह देखने वाली बात रहेगी।

Web Title : Unity killer not arrested after 21 days