ट्रेड वॉर शुरू, अब आधी रात से अमेरिका ने लगाया चीनी सामान पर 34 अरब डॉलर का प्रतिबंध

नई दिल्ली: अमेरिका और चीन में ट्रेड वॉर शुरू हो चुका है। शुक्रवार को अमेरिका ने 34 अरब डॉलर के चीनी आयात पर 25% का नया टैरिफ लगाते हुए उसे बड़ा झटका दिया। चाइना डेली की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने शुक्रवार को ही अमेरिकी सामानों पर भी टैरिफ लगा दिया। सरकारी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के चीनी सामानों पर नया टैरिफ लगाने के फौरन बाद चीन ने अमेरिका से आयात किए जाने वाले 545 सामानों पर टैरिफ लगा दिया है। खास बात यह है कि चीन का फैसला 34 अरब डॉलर के बराबर ही अमेरिकी आयात को प्रभावित करेगा।

चीन ने दो टूक कहा है कि वह अमेरिका के इस फैसले से अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। चीन के वाणिज्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है, ‘अमेरिका द्वारा इतिहास के सबसे बड़े ट्रेड वॉर की शुरुआत करने के बाद चीन अपने लोगों और देश के हितों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी और जवाबी कदम उठाने के लिए मजबूर है।’

मंत्रालय ने कहा, ‘ये ड्यूटीज वास्तव में धौंस जमाने जैसा है, जिसका ग्लोबल इंडस्ट्री पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इससे ग्लोबल इकनॉमिक रिकवरी में भी अड़चन आएगी।’ चीन ने कहा है कि अमेरिका के इस कदम से निर्दोष ट्रांसनैशनल कंपनियों, सामान्य कंपनियों ही नहीं वैश्विक ग्राहकों पर भी बड़ा असर होगा। चीनी मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिकी उद्यमों और ग्राहकों पर भी इसका बुरा असर होगा। अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन चाइना के चेयरमैन विलियम जैरिट ने ग्लोबल टाइम्स से कहा कि इस तरह के ट्रेड वॉर का विजेता कोई नहीं होगा। उन्होंने कहा कि काउंटर प्रॉडक्टिव इंपोर्ट टैरिफ्स न सिर्फ अमेरिका और चीन की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाएगा बल्कि इससे दुनिया के हर देश प्रभावित होंगे।

वैसे, ट्रंप ने जून में ही इसका ऐलान कर दिया था। अब अमेरिकी कस्टम अधिकारी 800 से ज्यादा चीनी उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ वसूलेंगे। इतना ही नहीं, अगले दो हफ्ते में अमेरिका 16 अरब डॉलर के अन्य चीनी प्रॉडक्ट्स पर टैरिफ लगाएगा। जैरिट ने कहा कि वह चीन में बिजनस कर रहीं अमेरिकी कंपनियों को लेकर चिंतित हैं। इस तरह से अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव से उनका यहां काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, ‘हम दोनों सरकारों से अनुरोध करते हैं कि वे सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए आमने-सामने बैठकर इसका हल निकालें।’ चीन ने वादा किया था कि वह पहले ट्रेड वॉर शुरू नहीं करेगा लेकिन अमेरिका के ऐसा करने पर पीछे भी नहीं हटेगा। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह इस मामले को WTO में भी रखेगा।

Web Title : US $ 34 billion ban on Chinese goods from midnight