PM of India? मैं सबसे बेहतर दावेदार: माया, हमें मिलना चाहिए मौका: कांग्रेस

लखनऊ/नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही कई नेताओं ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इसी कड़ी में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने दावा किया है कि वो प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे फिट उम्मीदवार हैं। एक बयान में मायावती ने कहा, जहां तक विकास की बात है बहुजन समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल दिया।

लखनऊ का भी सौन्दर्यीकरण हुआ है। इसके आधार पर कहा जा सकता है कि लोगों के कल्याण और देश की विकास को देखते हुए मैं प्रधानमंत्री बनने के लिए फिट हूं जबकि नरेंद्र मोदी अनफिट हैं। अपनी उपलब्धियों का बखान करते हुए मायावती ने कहा कि 4 बार मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी छवि काफी साफ-सुथरी रही है। साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था बनाते हुए लोगों के हित के लिए काम किया है। पिछले दिनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष के तीन नामों का समर्थन किया था जिसमें उन्होंने मायावती का भी नाम लिया था। इसके अलावा पिछले दिनों अखिलेश यादव ने भी मायावती को पीएम पद का दावेदार बताया था।
हम हैं सबसे बड़ी पार्टी, हमें मिलना चाहिए मौका: आजाद
उधर लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर दिए अपने बयान से कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पलटी मार ली है। गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि अगर संयुक्त विपक्ष, कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद के लिए आमंत्रित नहीं करता तब भी पार्टी इसे मुद्दा नहीं बनाएगी, उनका एक लक्ष्य है भाजपा को सत्ता से हटाना। शुक्रवार को आजाद अपने बयान से पलट गए। खबर के मुताबिक आजाद ने कहा, नहीं, यह सच नहीं है कि कांग्रेस पार्टी की प्रधानमंत्री पद में रुचि नहीं है या वह इस पद के लिए दावा नहीं करेगी। आखिरकार, हम सबसे बड़े और सबसे पुरानी पार्टी हैं। अगर हमें पूरे पांच साल सरकार चलानी है तो सबसे बड़े राजनीतिक दल को मौका देना चाहिए। इससे पहले गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में एक प्रेस वार्ता में आजाद ने कहा था, लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने से पहले शीर्ष पद के लिए उम्मीदवार पर आम सहमति का स्वागत किया जाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री की कुर्सी की पेशकश नहीं करने पर पार्टी इसे मुद्दा नहीं बनाएगी।

आजाद ने कहा था कि कांग्रेस का इकलौता उद्देश्य है कि वह भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर दे। उन्होंने कहा, आखिरी चरण का चुनाव बाकी है और मैं देश भर में चुनाव प्रचार के दौरान अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि न तो भाजपा और न ही एनडीए सत्ता में वापसी करने वाली है। नरेंद्र मोदी भी दूसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं। . लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में गैर-एनडीए गैर-भाजपा सरकार बनेगी। आजाद ने पीएम पद के लिए राहुल की उम्मीदवारी पर कहा था, अगर हमें इस पद के लिए आमंत्रित नहीं किया जाता तो

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