साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार के तेवर काफी तीखे नजर आ रहे हैं। पिछले साल यानी 2025 में सोने और चांदी ने निवेशकों को जिस तरह से मुनाफा दिया, वह ऐतिहासिक रहा। 1979 के बाद से यह सोने का सबसे शानदार प्रदर्शन था, जहां घरेलू बाजार में इसमें 76 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 70 फीसदी का जोरदार उछाल दर्ज किया गया। चांदी ने भी इस दौड़ में पीछे मुड़कर नहीं देखा और 140 प्रतिशत की छलांग लगाकर अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। नए साल के तीसरे दिन (3 जनवरी) भी हाजिर बाजार में यही तेजी कायम है। आज चांदी एक बार फिर बंपर उछाल के साथ 2.50 लाख रुपये के स्तर के करीब पहुंच गई है। वहीं, सोने के भाव में भी हल्की बढ़त देखने को मिली है।
प्रमुख शहरों में सोने और चांदी का ताजा भाव
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 1,36,360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि चांदी 2,42,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। जेवर बनवाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें भी आसमान पर हैं।
देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों में आज का भाव कुछ इस तरह है:
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दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, मेरठ और लुधियाना: यहां 24 कैरेट सोना ₹1,36,360, 22 कैरेट ₹1,25,010 और 18 कैरेट ₹1,02,310 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है।
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पटना और अहमदाबाद: इन शहरों में 24 कैरेट का भाव ₹1,36,260, 22 कैरेट का ₹1,24,910 और 18 कैरेट का ₹1,02,210 है।
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मुंबई, पुणे और कोलकाता: यहां 24 कैरेट सोना ₹1,36,210, 22 कैरेट ₹1,24,860 और 18 कैरेट ₹1,02,160 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर है।
क्यों आई कीमतों में इतनी तेज रफ्तार?
आखिर इन कीमती धातुओं में इतनी आग क्यों लगी है? दरअसल, इसके पीछे कई अहम वैश्विक कारण मौजूद हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने पिछले साल जिस आक्रामक तरीके से सोने की खरीदारी की, उसने बाजार को एक मजबूत सहारा दिया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें, अमेरिकी टैरिफ नीतियों के प्रभाव को लेकर चिंताएं और लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तरफ मोड़ा है। साथ ही, सोने और चांदी के ईटीएफ (ETF) में भी जमकर पैसा लगा, जिससे कीमतों को और पंख लग गए।
वायदा बाजार की तस्वीर: सोने पर डॉलर का दबाव
हाजिर बाजार की इस चमक के उलट, वायदा बाजार की कहानी थोड़ी अलग नजर आ रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई। 1,067 लॉट के कारोबार में यह 38 रुपये (0.02 प्रतिशत) फिसलकर 1,61,751 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का जोखिम बढ़ा दिया है, जिसका असर सोने पर पड़ा।
विदेशी बाजारों में भी कुछ ऐसा ही रुख है। कॉमेक्स (Comex) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 6.17 डॉलर यानी 0.12 फीसदी टूटकर 5,170.29 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह मजबूत होता अमेरिकी डॉलर है। डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत मापता है, 0.18 फीसदी चढ़कर 99.41 पर पहुंच गया। डॉलर की इस मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने सोने की कीमतों पर खासा दबाव बनाया है।
आगे क्या है जानकारों की राय
कमोडिटी बाजार की विशेषज्ञ त्रिवेदी का मानना है कि महंगाई दर को लेकर उम्मीदें अब थोड़ी नरम पड़ी हैं। इसके चलते केंद्रीय बैंकों से किसी बड़ी आक्रामक नीतिगत ढील की गुंजाइश कम ही नजर आ रही है। फिलहाल बाजार इस साल के अंत तक केवल एक बार ब्याज दर में कटौती का अनुमान लगा रहा है। बाजार के इस मौजूदा अस्थिर माहौल को देखते हुए उन्होंने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में MCX पर सोने का वायदा भाव गिरकर 1,60,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है।