क्रिकेट के मैदान पर इन दिनों काफी गहमागहमी है। एक तरफ युवाओं का जोश उफान पर है, तो दूसरी ओर बड़े टूर्नामेंट्स की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। अंडर-19 एशिया कप में एक बार फिर से चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होने जा रहे हैं। दुबई के द सेवेंस स्टेडियम में 19 दिसंबर को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 8 विकेट से धूल चटा दी। इसी के साथ 21 दिसंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले के लिए पाकिस्तान ने अपना टिकट पक्का कर लिया है, जहां उसका सामना भारत से होगा। इससे पहले बांग्लादेश की टीम अपने तीनों मैच जीतकर पूरे आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल में पहुंची थी, लेकिन अहम मौके पर पाकिस्तानी टीम उन पर भारी पड़ी।
बारिश से प्रभावित मैच में पाकिस्तानी बल्लेबाजों का दबदबा सेवेंस स्टेडियम की पिच आम तौर पर बल्लेबाजों की काफी मददगार मानी जाती है, जिससे यहां बड़े स्कोर की उम्मीद थी। हालांकि, बारिश ने मुकाबले में अपना रंग दिखाया और मैच को 27-27 ओवरों का कर दिया गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम 26.3 ओवर में 121 रन बनाकर सिमट गई। उनकी तरफ से समियुन बसीर रतुल ने सबसे ज्यादा 37 गेंदों पर 33 रन बनाए, जबकि अजीजुल हकीम के बल्ले से 26 गेंदों में 20 रन निकले। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी अंडर-19 टीम ने बिना कोई खास पसीना बहाए महज 14.4 ओवर में 110 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। समीर मिन्हास ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों में 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 66 रन ठोके। उनका बखूबी साथ उस्मान खान ने दिया, जिन्होंने 26 गेंदों पर 27 रनों की पारी खेली। इस हार के साथ ही जवाद अबरार, एमडी रिफत बेग, कप्तान मोहम्मद अज़ीज़ुल हकीम तमीम, कलाम सिद्दीकी अलीन, मोहम्मद रिजान होसन, शाहरिया अल-अमीन, विकेटकीपर मोहम्मद फरीद हसन फैसल, शहरयार अहमद, मोहम्मद समियुन बसीर रतुल, साद इस्लाम रजिन, इकबाल हुसैन इमोन, शेख पावेज जिबोन, शाधिन इस्लाम, मोहम्मद सोबुज और मोहम्मद अब्दुल्ला वाली बांग्लादेशी टीम का इस टूर्नामेंट में सफर खत्म हो गया।
महिला टी20: विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका ने दिखाई अपनी ताकत भारतीय क्रिकेट फैंस की निगाहें जहां अंडर-19 टीम पर टिकी हैं, वहीं भारत की महिला क्रिकेट टीम को हाल ही में एक तगड़ा झटका लगा है। दक्षिण अफ्रीका (प्रोटियाज) ने 10वें आईसीसी महिला टी20 विश्व कप से पहले अपनी तैयारियों का पुख्ता सबूत देते हुए भारत को पांच मैचों की टी20 सीरीज में 4-1 से करारी शिकस्त दी है। बेनोनी में खेले गए सीरीज के आखिरी मुकाबले में भी मेजबान टीम ने भारत को 23 रनों से हरा दिया। इस शानदार जीत की सूत्रधार एक बार फिर कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट रहीं, जिन्होंने एक बेहतरीन अर्धशतक जड़ा। 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होने वाले टी20 विश्व कप से पहले यह दक्षिण अफ्रीका की घर पर आखिरी प्रतिस्पर्धी सीरीज थी।
प्रोटियाज कप्तान की नजरें फील्डिंग सुधारने पर सीरीज जीतने के बाद प्रोटियाज कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट काफी आश्वस्त नजर आ रही हैं। उनका मानना है कि विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह सीरीज उनके लिए एकदम बेहतरीन रही है। वोल्वार्ड्ट ने कहा कि भारत विश्व कप में भी उनके ही ग्रुप में है, इसलिए इस जीत से टीम को काफी लय मिलेगी और यह साबित होता है कि वे कई चीजें सही कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि फील्डिंग एक ऐसा क्षेत्र है जहां उन्हें अभी काफी काम करना है। बेनोनी वाले मैच में ही दक्षिण अफ्रीकी फील्डर्स ने कई कैच टपकाए थे, जिनमें ऋचा घोष का अहम कैच भी शामिल था, जो उस वक्त महज 4 रन पर थीं। कप्तान ने साफ तौर पर कहा कि हर मैच में एक-दो कैच छूट रहे हैं, जो थोड़ा निराशाजनक है क्योंकि टीम मौके तो बना रही है लेकिन उन्हें पूरी तरह से भुना नहीं पा रही है। अगले महीने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वे इस पर काम करने को लेकर उत्सुक हैं।
हरमनप्रीत कौर को सता रही पावरप्ले की नाकामी भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भली-भांति जानती हैं कि अगर उन्हें टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका और छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया जैसी धाकड़ टीमों वाले अपने ग्रुप से आगे बढ़ना है, तो खेल के हर पहलू में सुधार करना ही होगा। सीरीज के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी टीम को एक साथ बैठकर यह सोचना होगा कि यहां से आगे कैसे बढ़ा जाए। उन्होंने पावरप्ले के दौरान खराब बल्लेबाजी को टीम के लिए नुकसानदायक बताया, जहां रन भी कम बने और अहम विकेट भी गिरे। निराशा के बावजूद हरमनप्रीत ने कहा कि इस सीरीज से टीम को कई सकारात्मक चीजें और सबक मिले हैं। अब उनका पूरा फोकस लगातार कड़ी मेहनत करने और अपनी कमियों को दूर करने पर है।