Thursday, August 13th, 2026

2026 का क्रिकेट सीजन: दांबुला की जनवरी से गर्मियों के बड़े मुकाबलों तक

साल 2026 की शुरुआत ही क्रिकेट के जबरदस्त रोमांच के साथ हुई थी। जनवरी के महीने में जब भारत और श्रीलंका टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी की तैयारी में जुटे थे, तब दांबुला का रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच एक कड़े मुकाबले का गवाह बना था। 7 जनवरी को खेली गई वह सीरीज महज एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं थी, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले दोनों टीमों के लिए अपनी असली ताकत परखने का जरिया थी।

उस समय श्रीलंकाई टीम दासुन शनाका के नेतृत्व में मैदान पर उतरी थी, जबकि पाकिस्तान की कमान सलमान आगा संभाल रहे थे। मैच में बाबर आजम और शाहीन अफरीदी की मौजूदगी ने खेल का पारा और बढ़ा दिया था। आंकड़ों के पन्नों को पलटें तो उस समय टी20 फॉर्मेट में पाकिस्तान का पलड़ा काफी भारी था; दोनों टीमों के बीच हुए 27 मैचों में 16 जीत पाकिस्तान के नाम थीं। दांबुला में हुआ वह मुकाबला याद दिलाता है कि कैसे वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ी अपनी लय तलाशने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे।

खेल की यही अनिश्चितता वर्ल्ड कप की तैयारियों के दौरान महिलाओं के क्रिकेट में भी देखने को मिली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए उस महामुकाबले को क्रिकेट प्रेमी आज भी याद करते हैं। भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उस मैच में जीत बहुत जरूरी थी। हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 170 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा भी किया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम का अंदाज ही अलग था।

ऑस्ट्रेलिया उस वक्त सेमीफाइनल की रेस में पहले ही सुरक्षित जगह बना चुका था, फिर भी उन्होंने अपनी आक्रामकता कम नहीं की। एलिसे पेरी और एश गार्डनर ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उसने 170 रनों के लक्ष्य को भी बौना साबित कर दिया। उन्होंने रिकॉर्डतोड़ अंदाज में लक्ष्य का पीछा किया और भारत को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उस हार ने एक तरफ जहाँ भारत के सपनों को तोड़ा, वहीं दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के लिए नॉकआउट की राह खोल दी।

आज जब हम जून 2026 के अंत में खड़े होकर उन दिनों को याद करते हैं, तो समझ आता है कि क्रिकेट में ‘फॉर्म’ और ‘स्टेट्स’ से ऊपर केवल वह जज्बा है जो मैदान पर दिखाई देता है। जनवरी में दांबुला की उस सीरीज से लेकर ऑस्ट्रेलिया की उस निर्दयी जीत तक, यह साल उतार-चढ़ाव भरी यादों से भरा रहा है, जहाँ हर गेंद एक नई कहानी लिख रही थी।